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शिक्षकों ने की दाखिला पोर्टल से पीपीपी हटाने की मांग

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कैथल। प्राथमिक शिक्षक संघर्ष समिति ने मांगों को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को मांगों का ज्ञापन सौंपा। समिति के जिला अध्यक्ष सुरेश द्रविड़ ने कहा कि विभाग के दाखिला पोर्टल पर परिवार पहचान पत्र पीपीपी की अनिवार्यता के कारण बच्चों के दाखिले पोर्टल पर नहीं हो पा रहे हैं। आरटीई एक्ट के तहत किसी भी बच्चे को केवल दस्तावेज की कमी के चलते दाखिला देने से वंचित नहीं किया जा सकता है। वहीं विभाग ने भी अपने 18 अप्रैल 2022 के आदेशों में पीपीपी के बिना केवल छात्रवृत्ति या प्रोत्साहन राशि रोकने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पीपीपी की अनिवार्यता के चलते न केवल राज्य के मूल बच्चों बल्कि विभिन्न शहरों सहित गांव में रह रहे प्रवासी मजदूरों के हजारों बच्चों को भी दाखिला मिलना असंभव है। इसका सीधा असर सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या की कमी के रूप में सामने आएगा। यह कहीं न कहीं सरकारी शिक्षा प्रणाली को खत्म कर निजीकरण को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा है। उन्होंने दाखिला पोर्टल से पीपीपी की अनिवार्यता को तत्काल हटाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने एमआईएस पोर्टल पर दाखिले शिक्षक आईडी के बजाय स्कूल आईडी पर सिम द्वारा ही करवाने, पिछले माह 29 मार्च को महानिदेशक मौलिक शिक्षा, हरियाणा ने पुरानी पेंशन, मेडिकल लीव की मांगों पर सहमति दी थी, उसको तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग की है। इस अवसर पर राजेश बेनीवाल, मजेंद्र रवीश, रोशन पंवार, अशोक वर्मा, तेजेंद्र वड़ैच, बलबीर सिंह, ईश्वर ढांडा, भतेरी देवी, रमेश चहल, संदीप शर्मा, सुभाष रवीश व संदीप गिल मौजूद रहे।
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