कैथल। सरकारी स्कूलों के शिक्षक अभिभावकों को उनके बच्चों को राजकीय स्कूलों में पढ़ाने के फायदे बताने में जुटे हैं। शिक्षकों द्वारा राजकीय स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को दाखिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं। स्कूल समय के बाद शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की अभिभावकों से अपील कर रहे हैं।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि इस बार अधिक से अधिक बच्चों का विभिन्न कक्षाओं में सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाया जाए। दाखिला अभियान के लिए शिक्षकों को समय भी दिया गया है। इसके अनुसार शिक्षक 30 अप्रैल से पहले स्कूलों में बच्चों की संख्या पर्याप्त करने में जुटे हैं। शिक्षकों के इस अभियान के परिणाम भी सामने आ रहे हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में न केवल शिक्षा मुफ्त में दी जाती है, बल्कि बच्चों को अधिक से अधिक सुविधाएं दी जाती हैं। योग्य शिक्षकों द्वारा बच्चों को शिक्षण दिया जा रहा है। बीते वर्षों की अपेक्षा अब बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में भी काफी सुधार हुआ है।
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक सुरेंद्र आर्य ने बताया कि शिक्षक घर-घर जाकर इस संबंध में प्रचार कर रहे हैं। उनकी मेहनत का परिणाम सकारात्मक रहा है और स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने स्वयं भी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को राजकीय स्कूलों में दाखिला दिलाएं।