कैथल। जाट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 15 कर्मचारियों को बिना कारण बताए हटाए जानेे के विरोध में सभी अध्यापकों ने सड़कों पर उतरकर पूछा कि उनकी रोजी-रोटी क्यों छीनी गई? अध्यापकों सहित दो गैर शिक्षण स्टाफ सदस्यों ने भी सड़कों पर प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन देकर परिवारों पर आए रोजी-रोटी के संकट की जानकारी दी। साथ ही न्याय दिलवाने की भी गुहार लगाई।
सुबह अध्यापक जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। जहां से कर्मचारी रोष प्रदर्शन करते हुए और जाट शिक्षण संस्थान समिति की नीतियों के विरोध में नारे लगाते हुए पिहोवा चौक पहुंचे। यहां कुछ देर के लिए जाम लगाकर समिति के विरोध में जोरदार नारेबाजी भी की। इसके बाद जाट शिक्षण संस्थान के बाहर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षण संस्थान समिति से मांग की उनको वापिस नौकरी पर रखा जाए।
कर्मचारियों ने कहा कि बिना किसी कारण के और राजनीति से प्रेरित हो कर उनको हटाया गया है। उन्होनें यह भी कहा कि उन्होंने पिछले 15 से 22 सालों में बच्चों के भविष्य बनाने के लिए दिन रात एक कर दिया। समिति ने आज सिर्फ एक फोन करके उनको घर पर बैठने के लिए कह दिया। उन्होंने कहा कि एक विषय को पढ़ाने के लिए जहां छह अध्यापक कार्यरत हैं वहीं हिंदी, संस्कृत, कंप्यूटर विषय का एक-एक अध्यापक होने के बावजूद भी उनको सरपल्स कर दिया गया।
अब कर्मचारियों को हटाना राजनीति से प्रेरित होने के साथ-साथ दुर्भाग्यपूर्ण भी है। कर्मचारियों ने इसके बाद सिविल सचिवालय में जाकर तहसीलदार चांद राम बिश्नोई के माध्यम से डीसी को ज्ञापन भी दिया। कर्मचारियों ने डीसी से निवेदन किया कि समिति के बेतुके फरमानों से उन्हें बचाएं और पिछले कई सालों से कार्यरत रहे कर्मचारियों को फिर नौकरी पर बहाल करवाया जाए। इस अवसर पर समिति के पूर्व प्रधान दर्शन सिंह माल खेड़ी सहित जाट शिक्षण संस्थान के कई कॉलेजियम सदस्य भी मौजूद रहे।
साथ ही रघुवीर सिंह ढुल, जोगेंद्र फोजी, यशपाल ग्योंग, राजेश जागलान, मुकेश बेरवाल, हजारी सिंह कसान, साहब सिंह विर्क, रोशन लाल पाडला, डा. सतबीर चन्दाना, बिल्लु चंदाना, नरेंद्र जैलदार, सुरजीत बैनीवाल, मोहकम ढुल, सत्यवान माजरा, रोजेन्द्र चहल, गुरमेल ठेकेदार, विरेन्द्र मौर,एडवोकेट हरपाल सिंह नौच, राजपाल सिंह, दिलबाग सिंह, रामफल नौच, गुरूदेव सिंह, दिलबाग नैन, गौरव मानस, उमेश बुरा, बलबीर सिंह, रणदीप के साथ-साथ जाट स्कूल के छात्र भी मौजूद रहे।