संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। किसान आंदोलन के चलते बंद किए गए संगतपुरा व गुहला में टटियाना बॉर्डर पर स्थित घग्गर के पुल को गत 18 मार्च को 37 दिनों के बाद खोल दिया गया लेकिन हाईवे पर फर्राटा भरकर गुजरने वालों को यह रास नहीं आ रहा। दरअसल, यहां पर जाम लगने से राहगीरों के साथ वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने पूरा हाईवे खोलने की मांग है।
गौरतलब है कि किसान आंदोलन के चलते शंभू व खनौरी बाॅर्डरों की तरह ही सरकार ने चीका में टटियाना बार्डर को भी सील कर दिया था लेकिन लोगों की मांग पर सरकारी आदेश के बाद प्रशासन ने बाॅर्डर को आधा खोल दिया था। इससे हरियाणा व पंजाब में आने-जाने के लिए रास्ता साफ हो गया लेकिन बंदिशें
जारी रहीं।
असल में ऐसा इसलिए किया गया ताकि यदि फिर से किसान आंदोलन तेज हो तो आपात स्थिति जैसे हालात न पैदा हों। ऐसा होने पर आनन-फानन में दोबारा बाॅर्डर बंद करना आसान रहे। हालांकि ऐसी तो कोई स्थिति पैदा नहीं हुई और बाॅर्डर पर पहले की तरह ही पूरी तरह से शांति व अमन चैन की स्थिति बरकरार है, लेकिन
प्रशासन की ओर से आधा बाॅर्डर खोलने के कारण अब यहां जाम लगने की स्थिति पैदा हो रही है।
इससे लोग परेशान हो रहे हैं। बॉर्डर से हर रोज गुजरने वाले सैकड़ों लोगों ने सरकार व प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इस बॉर्डर को पूरा खोल दिया जाए ताकि हर रोज लगने वाली जाम की स्थिति से निजात मिल सके। आधा बाॅर्डर बंद होने से स्टेट हाईवे पर स्थित टटियाना बाॅर्डर पर फर्राटा भर कर गुजरने वाले वाहन चालकों को भी यहां लगने वाला जाम रास नहीं आ रहा है।
चालक राजू, प्रेम, माला, दलजीत सिंह, नायब सिंह, गुरसेवक, कुलवंत व रामभज आदि ने बताया कि वे लंबे रूटों पर चलने वाले चालक हैं और वे अकसर पंजाब से दिल्ली व दिल्ली से पंजाब के बड़े शहरों में सामान की ढुलाई का काम करते हैं और उनका अकसर चुनिंदा ठिकानों पर ही रुकना होता है, लेकिन जब वे टटियाना बाॅर्डर को पार करते हैं तो यहां आधा बार्डर बंद होने के कारण जाम लग जाता है, जिसके चलते उन्हें कई कई घंटे जाम में फंसा रहना पड़ता है, जिस कारण उनका समय तो बर्बाद होता ही है और ना ही वे समय पर अपने वाहनों में भरे हुए माल की डिलीवरी कर पाते हैं।
उन्होंने कहा कि टटियाना बॉर्डर बेशक आधा अधूरा ही खुला हो, लेकिन ऐसी स्थिति में भी यहां के लोगों व व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। व्यापारी सुभाष गोयल, सतीश कंसल, सोहन लाल, महावीर प्रसाद, तरसेम चंद, अशोक कुमार व नरेश सिंगला आदि ने कहा कि पिछले दिनों लंबे समय तक बाॅर्डर बंद रहने के कारण उनका व्यापार पूरी तरह से ठप होकर रह गया था। अब व्यापार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।
डीएसपी कुलदीप बैनीवाल ने कहा कि बार्डर पर 24 घंटे पुलिस तैनात है। वे यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं और उनकी कोशिश रहती है कि बाॅर्डर पर जाम न लगे, लेकिन कभी कभार जब एकसाथ दर्जनों वाहन आ जाते हैं तो बार्डर से वाहनों को निकालने के लिए थोड़ा बहुत समय लग जाता है।