संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कृषि विभाग की ओर से किसान गोष्ठियों के माध्यम से अनुसूचित जाति के किसानों को कृषि, बागवानी, पशुपालन आदि करने के तौर तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। आत्मा स्कीम के एससी कम्पोनेंट के तहत गांव कैलरम में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर डाॅ. रमेश समध्यान ने बताया कि बायो गैस प्लांट लगवाने पर किसानों को 29,250 रुपये तक अनुदान सरकार दे रही है।
गोष्ठी में उन्होंने कृषि विभाग की तरफ से अनुसूचित जाति के किसानों के लिए चलाई जा रही कई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया की किसानों को मिनी डेरी के रूप पशुपालन जैसे भैंस, बकरी, भेड़ व सुअर पालन करने पर 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति के किसान अगर नेट हाउस लगवाते है तो उन्हें 85 प्रतिशत तक के अनुदान का लाभ सरकार दे रही है।
इसी प्रकार सटेकिंग विधि से सब्जियां उगाने पर भी किसानों को प्रति एकड़ 80 हजार रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर आत्मा स्कीम के तहत अनुसूचित जाति के किसानों का देश-प्रदेश में भ्रमण करवाया जाता है। इसके पीछे लक्ष्य कृषि की नवीनतम तकनीकों से उन्हें अवगत करवाना है। जींद स्थित हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा भी समय समय पर अनुसूचित जाति के किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करके रोजगार योग्य बनाया जाता है।
डाॅ. जोगिंद्र बिहान ने किसानों को गेहूं व सरसों के खेतों का सुबह शाम अच्छे से अवलोकन करने का आह्वान किया। ताकि बदलते मौसम के साथ फसलों में कोई कीड़ा या बीमारी नजर आए तो उसको समय रहते कृषि विशेषज्ञों की सहायता से रोका जा सके। कृषि पर्यवेक्षक डाॅ. राकेश कुंडू व डाॅ. ऋषिपाल ने किसानों को मिट्टी पानी की जांच के आधार पर ही फसलों का चुनाव करने और खाद डालने की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
इस अवसर पर नंबरदार कृष्ण, कर्मवीर, रामनिवास, सुरेश, होशियार सिंह, बलबीर सिंह, सुरेश कुमार, यशपाल, सोमी व अन्य किसान मौजूद रहे।