कैथल। शिक्षा विभाग अब उन बच्चों से टैबलेट वापस लेगा, जिन्होंने बाहर से सॉफ्टवेयर डलवाया है और पढ़ाई के अलावा अन्य चीजों में उपयोग करते हैं। इससे बच्चों को मन पढ़ाई से हट गया है। पंचायतों ने भी सरकार का टैबलेट वापस लेने का प्रस्ताव भी भेजा था।
बीते दिनों जिले की चार पंचायतों ने टैबलेट वापस लेने का मुद्दा उठाया था और सरकार को टैबलेट वापस लेने का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव के माध्यम से उन्होंने सरकार से मांग की थी कि बच्चे टैबलेट से पढ़ाई कम करते हैं और गेम्स अधिक खेलते हैं। इससे बच्चों का मानसिक विकास रुक गया है। अब टैबलेट वापस लेने के मामले में सरकार ने संज्ञान लिया है। सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों का निर्देश दिए गहैं कि सभी बच्चों के टैबलेट की जांच की जाए। जिन बच्चों ने टैबलेट में बाहर सॉफ्टवेयर डलवाया उनसे वापस लिए जाएंगे।
जिले की गुहणा , रोहेड़ा, पाई व करोड़ा की ग्राम पंचायत का कहना था कि टैबलेट में सॉफ्टवेयर डलवाकर बच्चे असभ्य वीडियो व असभ्य फोटो की ओर आकर्षित होते हैं। इससे उनका ध्यान पढ़ाई से हट गया है और व्यवहार में भी बदलाव हुआ है।बच्चों परिवारजनों का भी कहना नहीं मानते हैं। ।
जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि बच्चों को दिए गए टैबलेट की जांच की जाएगी। जिन बच्चों ने बाहर से सॉफ्टवेयर डलवाया है उन बच्चों से टैबलेट वापस लिया जाएगा। बच्चाें को पढ़ाई के लिए ही टैबलेट दिए गए हैं। यदि कोई इसका गलत प्रयोग करता है तो वापस लिए जांएगे।