संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज कैथल के शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सोमवार को काले बिल्ले लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान लंबे समय से लंबित पड़े मकान किराया भत्ता (एचआरए) की ओर आकर्षित करते हुए इसका शीघ्र समाधान और संशोधन की मांग उठाई।
कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों में एचआरए वर्ष 2019 से लागू है, लेकिन सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में कार्यरत नियमित स्टाफ आज भी इस मूलभूत लाभ से वंचित है। उनके अनुसार एचआरए से संबंधित फाइल शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के बीच वर्षों से अटकी हुई है। बार-बार आपत्तियां लगने के कारण इस पर निर्णय में अनावश्यक विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वेतन आयोगों में सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों को अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह ही किराया भत्ता मिलता रहा है, इसलिए वर्तमान में एचआरए न मिलना बिल्कुल भी न्यायोचित नहीं है। कर्मचारियों ने मांग की कि लंबित फाइलों को प्राथमिकता के साथ निपटाकर नियमित शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को एचआरए तुरंत लागू व संशोधित किया जाए ताकि उन्हें उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले का जल्द समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।