पूंडरी। हाई कोर्ट के निर्देश पर विजिलेंस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध कॉलोनियों का विस्तृत सर्वे किया। इंस्पेक्टर सुबे सिंह के नेतृत्व में टीम ने 10–15 कॉलोनियों का निरीक्षण किया। सर्वे में सामने आया कि कई कॉलोनाइज़र बिना अनुमति प्लॉट काटकर लोगों को बेच रहे हैं। बाद में ये कॉलोनाइज़र गायब हो जाते हैं और खरीदारों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलतीं। कई कॉलोनियों में सड़क, निकासी और पानी की व्यवस्था तक नहीं मिली। अवैध विकास से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान भी हो रहा है।
हाई कोर्ट ने पूरे प्रदेश में इस तरह की कॉलोनियों पर कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्ट में मिला कि डीटीपी की कार्रवाई के बाद भी कई स्थानों पर दोबारा अवैध कॉलोनी काट दी जाती है। विधायक सतपाल जांबा लंबे समय से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। टीम जल्द ही पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी। संवाद