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Kaithal News: अधीक्षक को वापस सिरसा विवि भेजा

Sun, 05 Mar 2023 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय मूंदड़ी में स्टॉफ को लेकर विधानसभा में गूंजी आवाज के बाद विश्वविद्यालय से एक अधीक्षक को वापस सिरसा विश्वविद्यालय भेज दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही दो ओर अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। विधायक लीला राम ने विधानसभा में यहां प्रतिनियुक्ति पर आए कई अधिकारियों व कर्मचारियों के कारण माहौल खराब होने की जानकारी दी थी। इसके बाद यह कार्रवाई हो रही है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाजपा के प्रथम कार्यकाल में गांव मूंदड़ी में संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने का एलान किया था। इसके बाद डा. भीमराव आंबेडकर राजकीय कॉलेज भवन में यह विश्वविद्यालय शुरू किया। यहां पूर्व में कार्यरत रहे वीसी स्तर के अधिकारियों पर भी गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

इसके बाद साल भर पहले सरकार ने यहां दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रो. राजकुमार भारद्वाज को कुलपति नियुक्त किया है। अब इस विश्वविद्यालय के लिए गांव टीक में बने सरस्ती कॉलेज के भवन को किराये पर लिया है। जहां अभी विश्वविद्यालय की आधी अधूरी कक्षाएं लग रही हैं। विश्वविद्यालय में शास्त्री, कर्मकांड, बीए, मॉस कम्यूनिकेशन
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सहित कई तरह के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।

विधायक ने विधानसभा में बताया माहौल खराब कर रहे हैं कर्मचारी

विधायक लीला राम ने फरवरी माह में चले विधानसभा सत्र में बताया था कि विश्वविद्यालय में प्रदेश के दूसरे विश्वविद्यालयों से कई अधिकारी व कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यहां का माहौल खराब कर रखा है। इस कारण यहां न केवल विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है बल्कि अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

विधायक के इस आवाज बुलंद किए जाने के बाद यहां से अधीक्षक दर्शन को वापस सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजा है। कहा जा रहा है कि उनका यहां कार्यकाल पूरा हो गया है, इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। इस प्रतिनियुक्ति का संबंध विधायक के सवाल से है या नहीं, यह बात तो स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन यह प्रतिनियुक्ति विधायक के विधानसभा में उठाए गए सवाल के बाद ही हुई है।

उधर, विधायक लीला राम ने कहा कि यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा कैथल को दी गई प्रदेश की अनुपम सौगात है। यहां से बच्चे हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की शिक्षा हासिल कर रहे हैं। यहां माहौल खराब होने नहीं दिया जाएगा। उन्हें पता चला है कि एक कर्मचारी को वापस भेजा है। अभी कुछ ओर कर्मचारी हैं, इन्हें भी वापस प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाना है। यहां किसी को माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह विश्वविद्यालय बनाकर इस क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा का दरवाजा खोला है।

प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी होने के बाद अधीक्षक दर्शन सिंह वापस सिरसा विश्वविद्यालय चले गए हैं। विधायक ने क्या प्रश्र उठाया था, इसकी कोई जानकारी नहीं है। -डा. राजकुमार भारद्वाज, कुलपति विश्वविद्यालय
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