संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना वरदान है। इसमें जमा की गई राशि भविष्य में बेटियों को उच्चतर शिक्षा दिलवाने व उनकी शादी में आर्थिक रूप से मददगार साबित हो रही है। यह जानकारी डीसी प्रीति ने दी है।
उन्होंने बताया कि ऐसे में सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना के तहत अपनी बेटी का खाता पोस्ट ऑफिस या बैंक में खुलवाना चाहिए। सुकन्या समृद्धि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक भाग है। घरेलू बचत के लिए यह अच्छी पहल है।
उन्होंने बताया कि सुकन्या समृद्धि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: कर रहित है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है।
डीसी ने बताया कि योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक दो लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। बेटी के जन्म से 10 वर्ष तक की उम्र में सुकन्या समृद्धि एकाउंट खोला जा सकता है। यह खाता लड़की के नाम से ही खोला जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जमाकर्ता माता-पिता (अभिभावक) में से एक होगा, जो नाबालिग लड़की की ओर से पैसा जमा करेगा। उन्होंने कहा कि मात्र 250 रुपये से खाता खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम एक हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिकतम एक लाख 50 हजार रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते है।
उन्होंने बताया कि एक वित्त वर्ष में पैसे नकद, चेक या ड्राफ्ट के जरिए कितनी बार ही जमा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुकन्या समृद्धि खाता योजना में जमा राशि पर ब्याज की गणना सालाना की जाती है। अभिभावक इस खाते में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं और 21 वर्ष में यह खाता परिपक्व हो जाएगा।
डीसी ने बताया कि 18 वर्ष के बाद बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लड़की की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद बंद किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि खाता खुलवाने के लिए बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र, अभिभावक के पते का प्रमाण तथा फोटो पहचान पत्र (पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड) की जरूरत पड़ती है।