संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल चीनी मिल के प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार ने गांव सन्धौला में किसानों के साथ बैठक कर गन्ने की खेती से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने किसानों को अंतरफसली खेती से कमाई की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके अपनाएं तो गन्ने की खेती से बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गन्ने की बुवाई के लिए फरवरी और मार्च का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस अवधि में बोई गई फसल का अंकुरण
बेहतर होता है और पैदावार अधिक मिलती है। उन्होंने
किसानों को चार से पांच फीट की दूरी पर कतारों में बुवाई करने की सलाह दी, जिससे पौधों का विकास संतुलित होता है, उत्पादन बढ़ता है और कटाई में भी सुविधा रहती है।
प्रबंध निदेशक ने जानकारी दी कि गन्ना कटाई के लिए आधुनिक हार्वेस्टिंग मशीन उपलब्ध है, जो प्रतिदिन आठ से दस एकड़ तक फसल की कटाई कर सकती है। इससे मजदूरों की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो रही है और किसानों की लागत में भी कमी आती है। उन्होंने किसानों को गन्ने के साथ सब्जियां एवं अन्य फसलें उगाकर अंतरफसली खेती अपनाने का सुझाव दिया, ताकि अतिरिक्त आय अर्जित की जा सके और जोखिम भी कम हो।
इस अवसर पर गन्ना विपणन अधिकारी डॉ. रामपाल सिंह, गन्ना विकास पर्यवेक्षक डॉ. सुर्याप्रकाश, जितेंद्र कुमार, आर.के., सुरेंद्र सिंह, निदेशक राजेश कुमार, नवीन, वीरेन्द्र, मलविंद्र सिंह, बलराज, जरनैल सिंह, धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।