प्रदेश में महिलाओं और छात्राओं के लिए शुरू की गई स्पेशल पिंक बसें केवल कागजों में ही सिमट कर रह गई हैं। जिले को भी पांच बसें मिली थीं। लेकिन अभी तक इन बसों का संचालन नहीं किया गया। जिससे नारीशक्ति प्राईवेट वाहनों व रोडवेज की सामान्य बसों में सफर करने के लिए भटक रही है। जिम्मेदारों का इनकी ओर कोई ध्यान नहीं है।
विदित रहे कि कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद हर तरह की गतिविधियां अनलॉक हो गई हैं, लेकिन रोडवेज में छात्राओं व महिलाओं के लिए चलने वाली स्पेशल बसों का लॉक अभी तक नहीं खुल पाया है। छात्राओं के लिए डिपो में पांच पिंक बसें सरकार ने आठ महीने पहले भेजी थीं, लेकिन छात्राएं इन बसों में एक दिन भी सफर का आनंद नहीं ले पाई हैं। अब स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद छात्राओं की संख्या बढ़ रही है, जिससे उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राएं मजबूरी में प्राइवेट बसों में आ रही हैं और कई बार उन्हें दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
पांच हजार छात्राएं पढ़ती हैं कॉलेजों में
शहर के विभिन्न कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में ग्रामीण क्षेत्र से पांच हजार से ज्यादा छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। सरकार ने कैथल डिपो में पांच गुलाबी बसें भेजी थीं। बसों के शामिल होने के बाद इन्हें चलाने को लेकर रूट मैप बनाया ही था कि कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। इस कारण इन बसों को वर्कशाप में ही खड़ा करना पड़ा।
छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाई जाएं - नैंशी, मुदिता, सोनिया, नमिता, बबीता, कविता, निक्की, कमलेश ने कहा कि सरकार द्वारा छात्राओं के लिए जो स्पेशल बसें भेजी गई हैं, उन्हें छात्राओं के लिए शुरू किया जाए। गुलाबी बसों में छात्राएं एक दिन भी सफर नहीं कर पाई हैं। बसें चलने से छात्राओं को राहत मिलेगी। प्राइवेट बसों में छात्राओं के पास बस पास होने के बावजूद टिकट के रुपये मांगे जाते हैं और बुरा व्यवहार किया जाता है।
बसों मेें सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस की सुविधा
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बसों में सवार यात्रियों के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इसके लिए विभाग की ओर से पिंक बसों में सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस की भी सुविधा उपलब्ध करवाई है। जीपीएस सिस्टम से बसों की लोकेशन की जानकारी कार्यालय में होगी।
ट्रैफिक मैनेजर कमलजीत चहल ने बताया कि विभाग की ओर पिंक बसों के संचालन को लेकर अभी तक कोई गाइड लाइन नहीं आई है। जैसे ही आदेश बसों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कोरोना काल से पहले इन बसों का संचालन होना था। लेकिन अभी दोबारा किसी प्रकार के आदेश नहीं आए है।