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Kaithal News: विद्यार्थी बोले- जब सिलेबस पूरा नहीं तो कैसे देंगे परीक्षा

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15-कैथल। परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम पूरा न होने पर रोष जताते हुए विद्यार्थी - फोटो : Kaithal
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कैथल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले विद्यार्थियों के सामने एक नई समस्या आ खड़ी हुई है। स्नातकोत्तर प्रथम सत्र की परीक्षा के विरोध में पीजी कक्षाओं में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों ने रोष प्रकट किया है। उनका कहना है कि एक तो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें पढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। दूसरी ओर उनका सिलेबस भी अभी तक करीब 60 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। इसे 60 प्रतिशत करने के लिए भी शिक्षकों ने अतिरिक्त कक्षाएं लगाई हैं। अब 16 जनवरी से परीक्षाएं शुरू करने का शेड्यूल जारी किया गया है। ऐसे में वे पूरे सिलेबस में से परीक्षा कैसे दे पाएंगे?
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रोष जताते हुए आरकेएसडी पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों पूजा, मीनू, कोमल, शिवानी, अनिशा, गीतिका, सपना, स्नेहा, रेनू, काजल व रीना ने कहा कि पहले पीजी कक्षा में दाखिला उच्चतर शिक्षा निदेशालय के अनुसार होता था। इस बार पीजी की दाखिला प्रक्रिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने अधीन ले ली है। इस कारण प्रवेश भी देरी से हुए हैं। दाखिला प्रक्रिया भी इस बार 10 नवंबर तक चली, जिसके कारण उनकी कक्षाएं नवंबर माह के तीसरे सप्ताह में शुरू हुई। विद्यार्थियों ने बताया कि यूजीसी के नियमों के अनुसार कक्षाओं के लिए कम से कम 90 शिक्षण दिवस मिलना अनिवार्य होता है, लेकिन उन्हें पढ़ने के लिए मुश्किल से 45-50 दिन ही मिल पाए हैं। ऐसे में उनका सिलेबस अभी तक अधूरा पड़ा है।
विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तो विभिन्न विभागों में प्रवेश प्रक्रिया गत सितंबर माह में ही पूरी कर ली गई, लेकिन उनके दाखिले नवंबर माह में पूरे हुए। ऐसा करके उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने मांग की है कि अगर परीक्षाएं 16 जनवरी से ही करवानी हैं तो उन्हें सिलेबस में कम से कम 50 प्रतिशत तक छूट दी जाए। जो सिलेबस उन्होंने पढ़ा है, परीक्षा उसी में से ली जाए।
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एमए अंग्रेजी विषय की छात्रा प्रियंका ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को भी पत्र दिया है। कॉलेज की ओर से पत्र को विवि में अग्रेषित किया गया है। इस पर संज्ञान लेते हुए विवि को सिलेबस में रियायत देनी चाहिए।
एमए अंग्रेजी की छात्रा लता ने कहा कि जब उनका सिलेबस ही पूरा नहीं हुआ तो परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कैसे हो सकता है। ऐसे में या तो परीक्षाओं का समय आगे बढ़ाया जाए या फिर सिलेबस में छूट दी जाए।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार संजीव शर्मा ने बताया कि इस संबंध में कुछ विद्यार्थी उनसे मिले हैं। यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों से विमर्श किया जाएगा। विद्यार्थियों की इस समस्या का समाधान जरूर निकाला जाएगा।
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