संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीवन में चल रहे सात दिवसीय भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर के चौथे दिन का मुख्य आकर्षण खिचड़ी रही। विद्यार्थियों ने न केवल इसकी मुख्य सामग्री के बारे में सीखा, बल्कि इसे बनाने की विधि को भी गहराई से समझा। भाषा अध्यापकों की सक्रिय उपस्थिति ने इस आयोजन को सफल और प्रभावशाली बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित सुदर्शन शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने भारतीय भाषाओं के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि आज के युग में हमारी सांस्कृतिक और नैतिक विरासत को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है और ऐसे शिविर भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। कैंप की मॉनिटरिंग के लिए डायट कैथल से बायोलॉजी प्राध्यापक गुरनाम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य बच्चों के दिल में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के प्रति निष्ठा व आस्था जागृत करना है।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित डॉ. ज्योति लता ने छात्रों को बताया कि भारतीय व्यंजन पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं और हमारे प्राकृतिक मसाले वैश्विक बाजार में अपनी गुणवत्ता के कारण अग्रणी स्थान रखते हैं। उन्होंने हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों का उदाहरण देते हुए भारतीय खानपान की विविधता और समृद्धता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन हिंदी प्राध्यापक शैलेंद्र राणा एवं बहादुर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।