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Kaithal News: राजकीय उच्च विद्यालय 4 नंबर में जर्जर बिल्डिंग में बैठ रहे बच्चे, बारिश में छत से टपकता पानी

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4 नंबर स्कूल के गेट के बाहर रखा ट्रांसफार्मर व पड़ी गंदगी। संवाद
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कैथल। शहर के राजकीय उच्च विद्यालय 4 नंबर में विद्यार्थी जर्जर कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बारिश में छत से पानी टपकता है। स्कूल की तरफ से छह महीने पहले मरम्मत के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को मरम्मत के लिए लिखा जा चुका है लेकिन अब तक न बजट मिला और न ही कोई जवाब।
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स्कूल की पूरी बिल्डिंग ही जर्जर हो चुकी है और बारिश के समय हालात और बदत्तर हो जाते हैं। जगह-जगह से स्कूल में प्लास्टर उखड़ चुका है और भवन में दरारें पड़ चुकी हैं। स्कूल में 650 के करीब विद्यार्थी हैं लेकिन कमरों की कमी है। कक्षा तीसरी में दो सेक्शन होने के कारण एक सेक्शन के विद्यार्थी कमरे में और एक के बाहर बरामदे में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल में विज्ञान विषय का कोई शिक्षक नहीं है।
शिक्षा विभाग स्कूली बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए समय-समय पर खेल करवाता है लेकिन इस स्कूल के बच्चों को उसका लाभ भी नहीं मिल रहा है। विभाग की ओर से स्कूल में खेल मैदान और उपकरण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा सुबह प्रार्थना सभा के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। विद्यार्थियों को बाहर प्रांगण के साथ ही बरामदे में खड़े होकर प्रार्थना करनी पड़ती है।
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स्कूल व शौचालयों की सफाई बनी चुनौती
दूसरी हुडा सेक्टर 19 में चल रहे संस्कृति मॉडल प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे झुग्गियों के हैं लेकिन उसके बावजूद वहां पर हालात ठीक हैं। स्कूल में सभी बच्चों के पास कमरे और बेंच हैं लेकिन कुछ शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना और एसआईआर में लगी होने से पढ़ाई प्रभावित होती है। साथ ही स्कूल में पार्ट टाइम सफाईकर्मी होने से स्कूल व शौचालयों की सफाई चुनौती बनी हुई है। लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था है लेकिन सफाई की समस्या बनी रहती है।

स्कूल के आसपास पढ़ाई के लायक नहीं माहौल
उच्च विद्यालय नंबर 4 पर शिक्षा विभाग को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्कूल के आसपास बच्चों के लिए पढ़ाई के लायक माहौल नहीं है। चारों तरफ बस, ट्रक, ट्रैक्टर और गाड़ियों की वर्कशॉप और अन्य दुकानें हैं। इनसे हर समय आवाजें आती रहती हैं। दीवार के एक साइड पर गंदगी डाली जाती है और कभी भी वहां कोई आग लगा देता है। सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों के शोर से भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। स्कूल के गेट के बाहर ही ट्रांसफार्मर रखा हुआ है जिसकी ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है जिससे हादसा होने की आशंका है। स्कूल इंचार्ज गुंजन का कहना है कि वे मरम्मत के साथ ही यहां निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को भी हर बार हालात से अवगत करवाते हैं लेकिन उनके पास विकल्प नहीं है। स्कूलों की सि्थति के लिए विभाग ही कोई फैसला ले सकता है।
वो कुछ समय पहले ही कैथल आए हैं और अब तक 4 नंबर स्कूल का दौरा नहीं कर सके हैं। जल्द ही वे स्कूल का दौरा करेंगे और वहां के हालातों के बारे में जायजा लेंगे। स्कूल व बच्चों की भलाई के लिए जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, वे उठाए जाएंगे।
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- प्रमोद कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल।

4 नंबर स्कूल के गेट के बाहर रखा ट्रांसफार्मर व पड़ी गंदगी। संवाद

4 नंबर स्कूल के गेट के बाहर रखा ट्रांसफार्मर व पड़ी गंदगी। संवाद

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