राजकीय महाविद्यालय के बाहर बसों के अभाव में वैकल्पिक साधनों का सहारा लेते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : बोधि वृक्ष की पूजा करते वियतनाम के बौद्ध अनुयायी।
कैथल। अंबाला रोड स्थित भीम राव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के सामने बसोें का ठहराव न होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज के सामने से हरियाणा रोडवेज की अनेक बसें गुजरती हैं लेकिन अधिकतर बसें यहां नहीं रुकतीं। इसके कारण छात्र-छात्राओं को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
महाविद्यालय में जिले के विभिन्न गांवों और आसपास के क्षेत्रों से करीब 1200 विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। बसों के निर्धारित रूप से नहीं रुकने के कारण उन्हें सड़क किनारे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार बसों के इंतजार में विद्यार्थियों की कक्षाएं भी प्रभावित हो जाती हैं। कॉलेज से छुट्टी के समय भी यही स्थिति बनी रहती है।
विद्यार्थी रमेश, कपूर सिंह, जितेंद्र सिंह और राजेश ने बताया कि कुछ बस चालक छात्रों को देखकर बस रोक लेते हैं लेकिन अधिकतर बसें बिना रुके आगे निकल जाती हैं। ऐसे में उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों, ऑटो या अन्य उपलब्ध साधनों से सफर करना पड़ता है।
इससे न केवल अतिरिक्त खर्च बढ़ता है बल्कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बनी रहती हैं। छात्रों का कहना है कि कॉलेज के सामने बसों का नियमित ठहराव होने से सैकड़ों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब रोजाना ऑटो में 50 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अभिभावकों ने भी इस समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से छात्राओं को आवागमन में अधिक परेशानी होती है। विद्यार्थियों ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि राजकीय महाविद्यालय के सामने रोडवेज बसों का नियमित ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
राजकीय महाविद्यालय के बाहर बसों के अभाव में वैकल्पिक साधनों का सहारा लेते विद्यार्थी। संवाद- फोटो : बोधि वृक्ष की पूजा करते वियतनाम के बौद्ध अनुयायी।