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बॉयोमैट्रिक मशीन से लगी परीक्षार्थियों की हाजिरी...

Sat, 14 Nov 2015 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
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 सरकार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनीं एचटेट की परीक्षा में इस बार नकल रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। परीक्षा केंद्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पूर्व में कई मामलों में न्यायालय द्वारा अंगूठे के निशान के मिलान के चलते इस बार बोर्ड ने पहले से ही बॉयोमैट्रिक मशीन से डाटा तैयार करने का फैसला लिया। जिसके तहत प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी टीम भेजी। जिसमें चार कर्मचारियों को बॉयोमैट्रिक मशीन से हाजिरी लगवाने की जिम्मेवारी सौंपी गई।
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पहली बार लगी बॉयोमैट्रिक मशीन से हाजिरी
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बोर्ड द्वारा नियुक्त कर्मचारियों ने सभी परीक्षार्थियों की बॉयोमैट्रिक मशीन से हाजिरी ली। इसके लिए बाकायदा चार-चार कर्मचारियों की टीम प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तैनात रही। जिन्हें एक-एक लैपटॉप एवं बॉयोमैट्रिक मशीन दी गई थी। परीक्षा शुरू होने से करीब आधा घंटा पहले इन कर्मचारियों ने अपना काम शुरू कर दिया। प्रत्येक परीक्षा रूम में जाकर इन कर्मचारियों ने बच्चों के अंगुठे के निशान लेकर मशीन से हाजिरी लगवाई।

परीक्षा ड्यूटी दे रहे एक कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार अब तक परीक्षाओं में ओएमआर शीट पर अंगुठे का निशान लिया जाता रहा है। लेकिन इस बार पहली बार देखने को मिला कि बॉयोमैट्रिक मशीन से अंगुठे के निशान लिए गए। इसके अलावा ओएमआर शीट पर भी अंगुठे के निशान लिए गए। इस तरह से दो बार एक परीक्षार्थी के अंगुठे का निशान लिया गया।
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पूर्व में गंवा चुके हैं काफी संख्या में अध्यापक अपनी नौकरी
पूर्व में एचटेट सहित अन्य परीक्षाओं में अंगुठे के निशान का मिलाप न होने पर कई अध्यापक सालों बाद अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। इतना ही नहीं इन अध्यापकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस भी दर्ज हो चुके हैं। इसी के  चलते शायद बोर्ड ने इस बार पहले से ही तैयारी कर ली है। बोर्ड की ओर से बॉयोमैट्रिक मशीन के माध्यम से पूरा डाटा एकत्रित किया जाएगा। जिसे किसी भी समय जरूरत पड़ने पर प्रयोग में लाया जा सकेगा।

जैमर के कारण जाम हुए मोबाइल
परीक्षा केंद्रों में सभी कमरों में जैमर लगाए गए। इन जैमर के कारण मोबाइल काम नहीं कर पाए। सभी कमरों में बिजली की सहायता से जैमर्स को परीक्षा से पहले ही सैट कर दिया गया।

जैमर के अलावा विशेष प्रकार की स्याही का प्रयोग
परीक्षार्थियों के ओएमआर शीट पर अंगूठे के निशान लेने के लिए इस बार विशेष प्रकार की स्याही का प्रयोग किए जाने की सूचनाएं भी मिली हैं। प्रशासन द्वारा जहां इस बार बॉयोमैट्रिक मशीन की सहायता से अंगुठे के निशान लिए गए। वहीं ओएमआर शीट पर जिस स्याही से अंगूठा लगवाया गया, वह स्याही भी इस तरह की थी कि कंप्यूटर द्वारा उसकी पहचान की जा सके। एक प्राध्यापक ने बताया कि इस बारे में सूचना मिली थी। लेकिन यह पहले की तरह प्रयोग होने वाली नीली स्याही वाली पैड नहीं थी। यह विशेष प्रकार की स्याही थी।
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