खेतों में फसल अवशेषों को जलाने के खिलाफ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा पराली पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए गठित पराली पलटन टीम में उन्हीं गांवों के युवकों को शामिल किया गया है जहां पूर्व में फसल अवशेष जलाए जाने की घटनाएं हुई हैं। पराली पलटन टीम में शामिल युवा किसानों को जागरूक कर कर रहे हैं। उपकृषि निदेशक पवन शर्मा ने टीम में शामिल युवाओं की बैठक लेकर उन्हें विशेष बिंदूओं पर कार्य करने बारे जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि वर्ष 2017-18 में जिला कैथल में फसल अवशेषों को खेतों में जलाने के 1281 मामले सामने आए थे। सीवन कस्बे में सबसे अधिक 143 मामले सामने आए थे। कलायत व बालू गांव में 77 आग के मामले सामने आए थे। इस वर्ष सितंबर माह के पश्चात प्रदेश में फसल अवशेष जलाए जाने के 587 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक करनाल में 228 व उसके बाद कैथल में 122 मामले सामने आए हैं। उन्होंने पराली पलटन में शामिल युवाओं को समझाया की किसानों में इस बात की जागरूकता फैलाएं कि वे अपने खेतों में बचे अवशेषों को जलाए नहीं। उन अवशेषों से अतिरिक्त आय कमाएं। उन्होंने कहा कि जो किसान खेतों में फसल अवशेषों को आग के हवाले करता है उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।