संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पराली जलाने के मामलों पर रोक नहीं लग रही है। रविवार को तो जिले में पराली जलाने का कोई नया मामला नहीं आया। इसके बाद अब सोमवार को एक साथ दो नए मामले पराली जलाने के आए हैं। साथ ही पुलिस ने चीका में पहली महिला किसान को गिरफ्तार किया है। ऐसे में जिले में अब तक 21 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 96 किसानों की रेड एंट्री की गई है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने पराली जलाने के मामले पर काफी सख्ती की है। इसके बावजूद यह मामले कम नहीं हो रहे हैं। पराली जलाने में अब तक 96 किसानों के खिलाफ रेड एंट्री की गई है। कृषि विभाग ने लापरवाही बरतने में पर 42 कर्मचारियों को नोटिस भी दिया है। जबकि तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए हैं। इसके साथ ही दो लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
पराली जलाने के मामलों की जांच सेटेलाइट और हरसेक के माध्यम से की जाती है। पराली जलाने के मामले बढ़ने के बाद प्रदूषण का स्तर भी 200 और 250 के बीच रहने लगा है।
जिला कृषि अधिकारी बाबू लाल ने बताया कि पराली जलाने के मामलों पर अकुंश लाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। बताया कि अब जिले में 131 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं। इसमें करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
उधर, सरकारी आदेशों की अवहेलना करके धान के अवशेष जलाने में थाना चीका पुलिस ने महिला किसान को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना चीका पुलिस के एचसी अमित कुमार की टीम ने यह काम किया। कृषि अधिकारी की शिकायत के अनुसार पराली के अवशेष जलाकर सरकारी आदेशों की अवहेलना की थी। थाना चीका में यह केस दर्ज किया गया था। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।