संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हुड्डा कालोनी स्थित ब्रह्माकुमारी पाठशाला में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान ने महिलाओं को सशक्त नारी समाज की धरोहर विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सशक्त नारी समाज का आधार स्तंभ है। जहां सशक्त नारी वहीं समाज, परिवार, देश राष्ट्र भी सशक्त बनेगा।
उन्होंने कहा कि नैतिक और आध्यात्मिक द्वारा हम स्वयं को सशक्त बनाकर फिर पूजनीय बन सकते है। राजयोग के अभ्यास द्वारा स्वयं को तनावमुक्त बनाकर सशक्त बनाया जा सकता है। नारी जागी तो समाज जागा और नारी सोई तो समाज सोया। अब आध्यात्मिक ज्ञान से स्वयं को जागृत सशक्त बनाए।
भगवान भाई नेे कहा तक आज के समाज में रूढिय़ां, कुरीतियां, रीति-रिवाज, सांप्रदायिकता बढ़ने लगी हैं। इस कुचक्र में नारी फसंती गई। नारी के अधोपतन से समाज का भी पतन होनेे लगता है। नारी परिवार की धुरी और समाज की इकाई है। उन्होंने कहा कि माता संतान की प्रथम गुरु है। वह स्वयं यदि शिक्षित है, गुणवान है, सशक्त है, आत्मबल आत्मसम्मान महसूस करती है। तो वहीं संस्कार वो संतान को देती है।
ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की प्रभारी बीके पुष्पा बहन ने कहा कि हम अपने भूतकाल में जाते हैं तो नारी शक्ति के रूप में पूजी जाती थी। अभी हमें अपने सोच बदलने के, विचारों में परिवर्तन लाने की और अपने शक्ति को पहचानने की आवश्यकता हैं। कार्यक्रम में पधारी हुए माताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।