कैथल। नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अब कई मतदाताओं के सत्यापन पर भी ब्रेक लग गया है। प्रशासन मतदाताओं को नोटिस तो भेज रहा है, लेकिन सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) नहीं बन पा रहे हैं। इसके कारण हजारों लोगों के वोट कटने का खतरा मंडराने लगा है। मतदाता 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। अगर हड़ताल आगे बढ़ी तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
हैरत की बात यह है कि प्रशासन की ओर से इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। लोग वोट कटने के डर से निकाय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें समाधान नहीं मिल रहा। प्रशासन की ओर से संदिग्ध या नए
वोटों की जांच के लिए कुल 1.20 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं। इनमें से करीब 50 हजार मतदाताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं।
नोटिस मिलने के बाद लोगों को निर्धारित समय के भीतर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराना है। इसमें डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) प्रमुख दस्तावेज है, जो यह साबित करता है कि मतदाता संबंधित शहर का निवासी है।
इस संकट के बीच प्रशासन की ओर से भी लापरवाही सामने आ रही है। इतने बड़े स्तर पर चल रहे वोटर सत्यापन को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। न तो कोई अस्थायी काउंटर खोला गया है और न ही ऑनलाइन आवेदनों के निपटारे के लिए अलग व्यवस्था की गई है। संवाद
1,500 से ज्यादा दस्तावेज लटके
नगर परिषद कार्यालय में हड़ताल के कारण पूरी तरह ताले लटके हुए हैं। कार्यालयों में डोमिसाइल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विवाह पंजीकरण सहित 700 से अधिक जरूरी दस्तावेज लंबित पड़े हैं। पूरे जिले की बात करें तो यह आंकड़ा 1,500 के पार है। आम जनता हर दिन उम्मीद लेकर कार्यालय पहुंचती है, लेकिन वहां काम नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।
सड़कों पर सड़ रहा 250 टन कचरा
दफ्तरों के अंदर का संकट तो भारी है ही, सड़कों पर भी स्थिति बदतर होती जा रही है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर के कोने-कोने में गंदगी के ढेर लग गए हैं। अनुमान के मुताबिक, सड़कों पर करीब 250 टन कचरा जमा है। सावन और मानसून के मौसम में सड़ते कचरे से भयंकर बदबू फैल रही है। इससे महामारी और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
लोगों की परेशानी
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चंदाना गेट निवासी अशोक कुमार ने बताया कि डोमिसाइल बनवाने के लिए कई दिनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन काउंटर बंद पड़े हैं।
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रेलवे गेट निवासी नरेश कुमार ने बताया कि उन्हें डोमिसाइल बनवाना था, लेकिन कार्यालय में काम बंद है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है।
अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर लोगों के काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कर और अकाउंट के कर्मचारियों सहित अन्य कर्मचारी भी रोजाना कार्यालय में बैठेंगे। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त
नरेश कुमार