वीरवार को रेडियोलॉजिकल सेवाओं के केंद्र संचालकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन व एमआरआई को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा न होने के कारण हड़ताल से लोग ज्यादा परेशान रहे। शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड सेवाएं भी बंद रहेंगी।
सुबह जब मरीज अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे करवाने के लिए पहुंचे तो सेंटरों पर ताले लटके मिले। दिन भर लोग इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में हड़ताल का पता चलने पर सरकार को कोसते हुए वापस चले गए। लोगों ने कहा कि प्राइवेट अल्ट्रासाउंड बंद होने के कारण काफी परेशानी हुई। सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा हड़ताल को लेकर प्रबंध किए जाने चाहिए थे। लेकिन किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं थी।
वहीं इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमोजिंग एसोसिएशन से जुड़े जिले के सभी रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आनंद गोयल व सचिव डा. विजय आर्या की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। सभी रेडियोलॉजिस्टों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। डा. एसके सिंगल, डा. नलिन शर्मा, आर रवि शंकर, डा. संजय बंसल ने कहा कि पीएनडीटी एक्ट के कई प्रावधानों के विरोध में उन्हें मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा। वे फार्म एफ में लिखित गलतियों, एप्रेन न पहनने, पीसी पीएनडीटी एक्ट की किताब मशीन के नजदीक न रखने को लिंग निर्धारण व आपराधिक आरोप के समकक्ष रखने का विरोध कर रहे हैं। पूरे देश में एक्ट का पालन एक तरह होना चाहिए। छोटी-छोटी गलतियों पर अल्ट्रासाउंड मशीन को बंद किया जाना भी गलत है। जिस कारण वे हड़ताल पर गए हैं।
शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड सेवाओं के भी बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं है।
वहीं सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने कहा कि जिले में सभी सेंटर संचालकों से आह्वान किया गया है कि वे हड़ताल पर ना जाएं। इमरजेंसी सेवाओं में सहयोग करें। जिलास्तर पर सिटी-स्कैन की जरूरत पड़ती है तो मजबूरन पटियाला या पीजीआई रेफर किया जाएगा। जिले के नागरिक अस्पताल में मरीजों को एक्सरे को लेकर किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आई है।