तितरम थाना के एक गांव निवासी महिला दो जेठों पर दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार देर रात तक लघु सचिवालय में डटी रही। अपनी तीन मासूम बेटियों व पति के साथ दिन भर महिला का अनशन जारी है। महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा भी उसके जेठों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका केस भी झूठा करार देकर निरस्त कर दिया गया।
महिला सुबह करीब नौ बजे एसपी कार्यालय के बाहर पहुंची और रात तक वहीं बैठी रही। इस दौरान महिला के तीन बच्चे और उसका पति भी उसके साथ बैठे रहे। महिला ने बताया कि उसने दो माह पहले दोनों जेठों के खिलाफ तितरम थाना में शिकायत दी थी, लेकिन उस समय बिना उसकी सहमति के पुलिस ने मामले का रफा-दफा कर दिया। महिला ने बताया कि तितरम थाना में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने उसके कहे अनुसार शिकायत दर्ज नहीं की। बाद में उसने महिला थाना में भी शिकायत की और जेठों के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया। उसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसके केस को निरस्त कर दिया। उल्टा उसी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
महिला ने कहा कि जब तक उसकी शिकायत पर सही जांच नहीं होती और उसके जेठों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक वह अनशन पर बैठी रहेगी। साथ ही यह भी कहा कि उसके जेठ उसकी जमीन को हड़पने के प्रयास में है, क्योंकि उसके पति के नाम दो एकड़ जमीन है।
एसपी शशांक सावन ने कहा कि महिला की शिकायत पर वे दोबारा जांच करवाने को तैयार हैं। यदि वह चाहती है तो दूसरे जिले की पुलिस भी जांच कर सकती है। वे भी करने को तैयार हैं। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं है। वह सीधे गिरफ्तारी की मांग कर रही है। आरोप भी गंभीर हैं। जब जांच में निर्दोष साबित हो चुके हैं तो कैसे गिरफ्तारी हो सकती है।