संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल लगातार परेशानी का सबब बनती जा रही है। मांगों के लिए अड़े कर्मचारियों ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए शुक्रवार से स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने का फैसला किया है।
दूसरी तरफ, आंदोलन के लंबा खिंचने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जहां एक तरफ बढ़ती हड़ताल से लोेग की परेशानी बढ़ रही है। वहीं, जिम्मेदार प्रशासनिक अफसर इस गंभीर स्थिति के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। पिछले कई दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर के मुख्य चौराहों, रिहायशी इलाकों और सड़कों के किनारों पर कूड़े के ढेर लग चुके हैं। कचरे से भयंकर बदबू उठने लगी है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा मंडराने लगा है।
शहर के प्रमुख व्यावसायिक बाजारों की हालत और भी बदतर है। दुकानों के ठीक सामने गंदगी जमा होने से ग्राहकों ने बाजारों में जाना कम कर दिया है, जिससे व्यापारियों का धंधा मंदा पड़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द ही समाधान नहीं निकला तो त्योहारों के इस सीजन में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
सिर्फ 65 कर्मियों के भरोसे पूरा शहर
लाखों की आबादी वाले इस शहर को साफ रखने के लिए प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्थाएं विफल साबित हो रही हैं। प्रशासन वर्तमान में महज 65 संविदा (कॉन्ट्रेक्ट) कर्मचारियों के भरोसे पूरे शहर की सफाई और कूड़ा उठान का दावा कर रहा है। इतने कम कर्मचारियों के कारण शहर का एक प्रतिशत हिस्सा भी साफ नहीं हो पा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने कुछ मुख्य मार्गों और विशेष पॉइंट से पुलिस सुरक्षा के बीच कचरा उठवाने का प्रयास जरूर किया है, लेकिन अंदरूनी कॉलोनियों और वार्डों में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी : शिवचरण
कर्मचारी यूनियन जिला सचिव शिवचरण ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाली और समान काम-समान वेतन जैसी मुख्य मांगों को लिखित में स्वीकार नहीं करती, उनका आंदोलन थमेगा नहीं। शुक्रवार से शुरू हो रहे ज्ञापन कार्यक्रम के तहत कर्मचारी सूबे के विधायकों के द्वारों पर पहुंचकर उन्हें सरकार के नाम मांग पत्र सौंपेंगे।