सिटी स्क्वायर में हुए भ्रष्टाचार मामले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे16 से अधिक पार्षदों ने सोमवार को धरना नहीं दिया। लेकिन अंत में शाम के समय पार्षदों ने जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया। हालांकि सुबह के समय सोमवार को धरने पर एक भी पार्षद के न बैठने पर नप पार्षदों द्वारा धरने को समाप्त करने की खबर फैल गई। जिस पर शाम तक संशय बना रहा। जिसके बाद शाम के समय सभी 16 पार्षद जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर से मिले। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बता दें कि पिछले 42 दिन पहले 16 पार्षदों ने नप कार्यालय में धरना शुरू किया था। कुछ दिन तक सभी पार्षद धरने पर बैठे भी, लेकिन सोमवार को तो एक भी पार्षद धरने पर बैठने के लिए नहीं पहुंचा। उसके बाद शाम के समय धरना समाप्त कर दिया गया।
शाम को धरना समाप्त करने की घोषणा: सोमवार को पार्षदों द्वारा धरने पर नहीं पहुंचने पर पांच से अधिक पार्षदों से फोन के माध्यम से उनके न आने का कारण पूछा उनके आपस में सुर भी नहंीं मिले। अधिकतर पार्षदों ने धरने पर किसी भी पार्षद के मौजूद न होने की उन्हें कोई जानकारी न होने की बात कही। इस दौरान दो पार्षदों ने मंगलवार को दोबारा धरना शुरू करने की जानकारी दी जबकि अन्य ने अपने काम में व्यस्त होने की बातें कही। लेकिन शाम के समय पार्षदों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
ये पार्षद मिले जिलाध्यक्ष से: सोमवार शाम के समय पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, दीपक शर्मा, प्रवीन शर्मा उर्फ काला सांघन, बृज मोहन, विनोद सोनी, कुलदीप सैनी, ज्योति सैनी, गोपाल सैनी, आशा रानी, रमेश गुप्ता, तृप्ता सचदेवा, नरेश मित्तल, जितेंद्र ठकुराल, पार्षद प्रतिनिधि संजय गर्ग, सतप्रकाश अग्रवाल, कृष्ण सैनी, प्रवीन सिंगला, वरुण मित्तल सहित अन्य मौजूद रहे।