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स्ट्रीट लाइटें खराब, एक साल बाद प्रस्ताव पास, कब ठीक होंगी जनाब!

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एक साल बाद भी शहर में स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं अंधेरे में सड़कों पर घूमते लावारिस पशु हादसे का सबब बन रहे हैं। दूसरी ओर हाल ही में शहर की नई सरकार ने वार्ड अनुसार पांच-पांच लाख रुपये से स्ट्रीट लाइटें ठीक करने का प्रस्ताव पारित किया है। इस पर अब नगर परिषद अधिकारियों ने विभाग मुख्यालय से नई लाइटें लगाए जाने की अनुमति मांगी है।
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शहर के आंबेडकर चौक, खुराना रोड, विश्वकर्मा चौक से खुराना रोड, अर्जुन नगर बाईपास से चीका रोड ड्रेन तक, करनाल रोड से ढांड रोड तक अनेकों स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। शहीद स्मारक का क्षेत्र हो, जवाहर पार्क, चिल्ड्रेन पार्क व अन्य कई सार्वजनिक स्थानों पर भी लाइटें खराब हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर लगभग तीन हजार लाइटें हैं, जिनमें से सैकड़ों की संख्या में लाइटें खराब हैं। इसके अलावा कालोनियों में भी अनेकों लाइटें खराब हैं। इससे शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा पसर जाता है। समस्या को देखते हुए नगर परिषद की ओर से शहर में नई एलईडी लाइटें लगवाने को लेकर कार्य शुरू किया गया था, लेकिन बजट न मिलने की स्थिति में यह अधर में लटक गया है। शहरवासी जितेंद्र बंसल, विक्की, नीरज, संजय कुमार गर्ग, विजय मल्होत्रा व अन्य ने कहा कि शहर में अनेकों मार्गों पर लाइटें खराब हैं। वहीं पशु सड़कों पर अंधेरे में दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
नप अध्यक्ष की सुनिए-
नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि हाउस की बैठक में प्रस्ताव पारित कर लाइटें ठीक करने के लिए बजट पास किया गया है। अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर काम करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही लाइटें ठीक करवाई जाएंगी।
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विपक्ष का कटाक्ष-
कांग्रेस नेता सुदीप सुरजेवाला ने कहा कि पहले ही कहा जा रहा था कि भाजपा सरकार से शहर में लगाई गई लाइटों का लट्टू तक नहीं बदला जाएगा। आज यह बात सही साबित हो रही है।
हाउस के प्रस्ताव पर मांगी है विभाग से अनुमति-
नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने कहा कि नवनिर्वाचित पार्षदों ने अध्यक्ष की अगुवाई में स्ट्रीट लाइटें लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके अनुसार विभाग मुख्यालय से नई लाइटें लगाने की अनुमति मांगी गई है। क्योंकि विभाग ने नई लाइटें खरीदने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। शहर में काफी लाइटें खराब हैं, जिस कारण विशेष अनुमति लेकर लाइटों को ठीक करवाया जाएगा।
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