शहर में स्ट्रीट लाइटों की समस्या का दस साल के लिए एक ही समय में समाधान हो जाएगा। इसके लिए स्थानीय निकाय विभाग ने एक एजेंसी को ठेका दिया है। जो शहर में लाइटों को लेकर सर्वे कर रही है कि उसकी इस काम में महीने में लागत कितनी आएगी। एक बार लाइट लगाने के बाद दस साल तक यही एजेंसी इन लाइटों की देखरेख करेगी।
मार्केट कमेटी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शहर में एक एजेंसी को नियुक्त किया जा रहा है। जो शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों के प्रबंध का जिम्मा संभालेगी। नगर परिषद के एक्सईएन हिमांशू लाटका ने अमर उजाला को बताया कि इस एजेंसी का काम शहर की सभी लाइटों को लगवाने, देखरेख करने का रहेगा। अभी तक अलग-अलग तरीके से लाइटें लगाई जाती थीं। लेकिन अब यह एजेंसी ही इस काम को देखेगी। एजेंसी को टेंडर दे दिया गया है। जो शहर में कितनी लाइटें लगेंगी, कितनी लागत आएगी, इस बात को लेकर सर्वे कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी दस साल तक यही एजेंसी लाइटों का काम देखेगी।
दस हजार 778 लाइटें लगी हैं इस समय शहर में-नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार इस समय शहर में 10 हजार 778 लाइटें लगी है। जिनकी रिपेयर व इनमें से नई लाइट लगवाए जाने के लिए नगर परिषद को हर साल काफी खर्च करना पड़ता है। अब एक एजेंसी को यह काम सौंपा जा रहा है।