गुहला-चीका। शहर में सिनेमा रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर चीका में रविवार को पंडित विद्यासागर की ओर से धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ अष्टधातु से बनी महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित की।
कार्यक्रम में वाल्मीकि समाज के समस्त लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वाल्मीकि सभा के प्रधान राकेश वाल्मीकि ने बताया कि भगवान वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा की रविवार को विधिवत पूजा अर्चना के उपरांत स्थापना की गई। आए हुए वाल्मीकि समाज के लोगों ने भगवान वाल्मीकि मंदिर में प्रभु वाल्मीकि का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
प्रभु वाल्मीकि को भोग लगाने के उपरांत लोगों ने प्रसाद रूपी लंगर भी ग्रहण किया। वाल्मीकि सभा के वरिष्ठ सदस्य अधिवक्ता वेदराज गागट, उपप्रधान मकली राम पार्षद प्रतिनिधि ईश्वर उर्फ रिंपी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने मानव कल्याण के लिए ही पृथ्वी पर जन्म लिया है। उन्होंने रामायण जैसा महाकाव्य लिखकर संसार को संदेश दिया कि भाई को भाई से, पुत्र को पिता से, पत्नी को पति के साथ सम्मान से व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की ओर से रची रामायण वाल्मीकि रामायण कहलाई जाती है। रामायण ग्रंथ राजा राम के जीवन के सत्य व कर्तव्य से परिचित करवाता है। संवाद