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Kaithal News: विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की जांच को पहुंची स्टेट विजिलेंस की टीम

Tue, 19 May 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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निर्माण सामग्री के सैंपल लेते हुए स्टेट विजिलेंस के अधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। नगरपालिका द्वारा शहर में कराए गए विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए स्टेट विजिलेंस पंचकूला की तकनीकी टीम सोमवार को तीसरी बार चीका पहुंची। टीम ने विभिन्न विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया और वार्ड नंबर-13 में निर्मित गलियों से निर्माण सामग्री के सैंपल एकत्रित किए।

इंस्पेक्टर सूबे सिंह सैनी की अगुवाई में पहुंची तकनीकी टीम में एसडीओ ध्रुव शाश्वत, एसडीओ कर्म सिंह और एएसडीओ जगतीत कपूर शामिल रहे। टीम ने शिकायतों से संबंधित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। एसडीओ ध्रुव शाश्वत ने बताया कि जिन निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन सभी स्थानों से सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, चीका नगरपालिका ने तीन एजेंसियों के माध्यम से शहर के अलग-अलग वार्डों में कुल 76 विकास कार्य करवाए थे। वार्ड नंबर-2 के पार्षद दलबीर सीड़ा ने इन कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। स्टेट विजिलेंस ने प्रथम चरण में 12 विकास कार्यों को चिन्हित कर नवंबर माह में जांच शुरू की थी, लेकिन छह माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।

अधिकारियों ने मांगा दो सप्ताह का समय : जांच के दौरान स्टेट विजिलेंस टीम ने नगरपालिका अधिकारियों से विकास कार्यों से संबंधित पैमाइश रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे, लेकिन अधिकारी स्वीकृतियां और माप पुस्तिकाएं (एमबी) प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट हो सकेगा कि विकास कार्य नियमानुसार किए गए थे या नहीं।

भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाकर ही लूंगा दम : दलबीर

पार्षद दलबीर सीड़ा ने नगरपालिका अधिकारियों, अध्यक्ष और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों में बड़े स्तर पर धांधली कर करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। उन्होंने दावा किया कि विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टिल्ला प्लॉट को जाने वाली सड़क पहले ईंटों से बनी हुई थी, लेकिन रिकॉर्ड में इसे इंटरलॉकिंग ब्लॉकों से निर्मित दर्शाकर भुगतान उठा लिया गया। सीड़ा का आरोप है कि सितंबर और अक्तूबर में जांच के दौरान सड़क पर केवल ईंटें लगी थीं, लेकिन बाद में कथित गड़बड़ी छिपाने के लिए सड़क पर ब्लॉक लगाकर उसे नया निर्माण दिखाने का प्रयास किया गया।
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a चीका नगरपालिका के करवाए विकास कार्यों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने के लिए टीम के साथ चीका गया था लेकिन पालिका के अधिकारी प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड की स्क्रूटनी नहीं करवा पाए। इसके लिए उन्होंने कुछ समय मांना है। रिकॉर्ड उपलब्ध होते ही जांच आगे बढ़ेगी। -सूबे सिंह सैनी, इंस्पेक्टर स्टेट विजिलेंस
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