कैथल। लोकनिर्माण विभाग द्वारा अंबाला रोड पर बनाया जा रहा हरियाणा के पहले ईको-फ्रेंडली सदन का निर्माण कार्य इस समय जोरों पर है।
बुधवार को हरियाणा आर्किटेक्चर विभाग के सीनियर आर्किटेक्चर रामप्रकाश ने निर्माणाधीन भवन का दौरा किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि यह कैथल का सबसे ऊंचा भवन होगा। जिसमें पांच मंजिलें होंगी। इसकी पहली दो मंजिलों को आगामी 15 जुलाई तक तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
कम से कम ऊर्जा की खपत होगी
आर्किटेक्चर रामप्रकाश ने बताया कि यह प्रदेश का पहला ईको-फ्रेंडली जिलास्तरीय निर्माण सदन होगा। इसमें एक बेसमेंट सहित ऊपर चार मंजिलें बनाई जा रही हैं। कुल 50 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बनाए जा रहे इस भवन का डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि इसमें न्यूनतम ऊर्जा की आवश्यकता पड़े। उन्होंने कहा कि इस भवन में दिन में लाइटें जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
इसके अलावा इसके कमरों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि वे गर्मियों में न तो अधिक गर्म रहेंगे और न ही सर्दियों में ज्यादा ठंडे, ताकि गर्मी एवं सर्दी होने पर एयर कंडिशनर्स अथवा हीटर जैसे उपकरणों की आवश्यकता न पड़े तथा कम से कम ऊर्जा का प्रयोग करते हुए यहां काम किया जा सके। उन्होंने इसी को ध्यान में रखते हुए बुधवार को बारीकि से निरीक्षण किया है। जिसमें कई प्रकार के सुधार के लिए सुझाव दिए गए हैं।
दस करोड़ की लागत से बन रहा है भवन
विभाग के अधीक्षक अभियंता एस के बंसल, कार्यकारी अभियंता संजीव अग्रवाल ने बताया कि करीब 10 करोड़ की लागत से तैयार किए जा रहे इस भवन में एक अधीक्षक अभियंता, दो कार्यकारी अभियंता सहित चार उपमंडल स्तर के अधिकारियों तथा सभी ब्रांचों के कार्यालय होंगे। जिससे लोगों को अपने कार्यों के लिए अलग-अलग जगहाें पर भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही छत के नीचे सभी कार्य होंगे। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई तक इसकी पहली दो मंजिलें बनकर तैयार हो जाएंगी। निर्माण कार्य पूरा होने के लिए एक जनवरी 2015 का समय निर्धारित किया गया है।
भवन को बाहर से भी आकर्षक लुक देंगे : ठेकेदार
इसका निर्माण कर रहे ठेकेदार भारत भूषण गर्ग ने कहा कि इस भवन के निर्माण में ऐसे डिजाइन का प्रयोग किया जा रहा है, जो आसपास कभी प्रयोग नहीं हुआ है। अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित भवन को बाहर से भी आकर्षक लुक दिया जाएगा। साथ ही इसके अंदर भी अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित फर्श एवं पत्थर लगाने का काम होगा।