गांव खानपुर में गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में चल रही तीन दिवसीय पंचायती खेलकूद प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी तक की सुविधा नहीं मिल पाई। जिस कारण खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान ही जमकर रोष प्रकट किया। खिलाड़ियों ने खेल आयोजकों पर खेल प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें न तो खेल की किट मिली है और न ही रिफ्रेशमेंट। प्रतियोगिता के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने आयोजकों पर लापरवाही के साथ प्रतियोगिता कराने का भी आरोप लगाया।
मुकाबले करवाने के लिए नहीं मिला कोई अधिकारी
खिलाड़ी प्रदीप, रणदीप, अंकित, श्याम स्वरूप, राम स्वरूप ने कहा कि खेल प्रतियोगिता के आयोजक को ढ़ूंढते रहे लेकिन उन्हें वह नहीं मिले जिसके कारण उनके मुकाबले काफी देरी से शुरू हुए। पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। जो पानी है, वह पीने लायक नहीं है। जबकि अधिकारी जूस और आरओ का पानी पीते हैं। खिलाड़ियों को साफ पानी ही नहीं मिलेगा तो वे कैसे अच्छा खेल पाएंगे।
ग्राउंड की व्यवस्था भी अच्छी नहीं
खिलाड़ी मोनू कसान, कुलदीप, अमरजीत ने कहा कि वह यहां ग्राउंड की व्यवस्था भी अच्छी नहीं है यहां काफी झाड़ हैं जिससे खेल के दौरान उन्हें काफी कठिनाई हुई।
डीसी के सामने रखी समस्या तो मंच से हटाना शुरू कर दिया
अव्यवस्था से गुस्साए खिलाड़ियों ने मंच पर पहुंचे डीसी को शिकायत की तो खिलाड़ियों को दूर हटा दिया गया। खंड राजौंद के खिलाड़ी डीसी को किट न मिलने पर रोष स्वरूप एक प्रार्थना पत्र देने लगे लेकिन वहां तैनात अधिकारियों ने उनका मांग पत्र लेने से मना कर दिया और सुरक्षाकर्मी ने उन्हें स्टेज से हटाना शुरू कर दिया। इससे पहले जब वह अधिकारियों से किट की मांग करने लगे तो वे उन्हें आश्वासन देने लगे तब खंड सीवन और कैथल के गांव अटैला के खिलाड़ी भी रोष प्रकट करने लगे और कहने लगे कि उन्हें भी अभी तक कोई किट नहीं दी गई।
खेल खत्म होने के बाद क्या करेंगे किट का
खिलाड़ियों ने कहा कि प्रतियोगिता में किट की व्यवस्था है तो वह मैच से पहले क्यों नहीं दी गई। मैच खत्म होने या खेल की समाप्ति के बाद वे किट का क्या करेंगे। इसी बीच जिला खेल अधिकारी जसवंत सिंह ने कहा कि वह उन्हें जल्द ही खेल किट मुहैया करवा देंगे। इसपर खिलाड़ियों ने कहा कि पिछली बार भी यह कहा गया था। घर कौन देने आता है किट। और वैसे भी खेल खत्म होने के बाद वे किट का क्या करेंगे?
विभाग नहीं देता मंजूरी
खंड राजौंद के खिलाड़ी विक्की, बलकार, महाबीर ने बडीपीओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों के सरपंच ग्रांट में से खेलों के लिए 15-15 हजार रुपये देते हैं मगर विभाग उन्हें आगे मंजूरी नहीं देता। जिससे गांव को जिले का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाते।
जिला खेल अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि रंग का चयन ना होने के कारण किट नहीं दे पाए। वीरवार को किट वितरित कर दी जाएगी।