संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खिलाड़ियों का मानना है कि स्टेडियम और खेल नर्सरियों में बेहतर सुविधाएं और सही उपकरण न मिलने के कारण उनकी प्रतिभा पूरी तरह नहीं निखर पाती। शनिवार को महाराजा सूरजमल खेल मैदान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों ने खेल मैदानों की स्थिति, उपकरणों और भत्तों की अनियमितता को लेकर अपनी बात रखी।
खिलाड़ियों ने बताया कि नर्सरियों में कोच पूरी समय नहीं देते और उपकरणों की दरकार है। मासिक भत्ता अक्सर समय पर नहीं मिलता, केवल कार्यकाल समाप्त होने पर मिलता है। इसके साथ ही उन्होंने जिले में एक और नया इंडोर स्टेडियम बनाने की मांग की। वर्तमान स्टेडियम में बॉक्सिंग हॉल, बैडमिंटन हॉल और तलवारबाजी हॉल जर्जर स्थिति में हैं।
नशे पर भी चिंता जताई ः 10वीं से 12वीं तक के छात्र पार्कों और स्कूल मैदानों में इंजेक्शन, दवाइयों और अन्य नशे में फंसे पाए जाते हैं। युवा मानते हैं कि नशा न केवल उनका करियर बर्बाद करता है, बल्कि परिवार की उम्मीदों पर भी असर डालता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें, सिर्फ उनकी ख्वाहिशें पूरी करने में ही व्यस्त न रहें।
नर्सरी और स्टेडियम की सुविधाओं में सुधार की उठाई मांग
सरकार ने बेहतर खेल प्रशिक्षक भर्ती किए हैं लेकिन वे खिलाड़ियों को पूरा समय नहीं देते। इस कारण से खेल प्रतिभाएं नहीं उभर पाती। - प्रतीक
खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास के साथ भत्ता भी समय पर मिलेगा तो खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। वर्तमान में भत्ता समय पर नहीं मिल रहा है। - जतिन
खिलाड़ियों को खेल नर्सरियों में न तो बेहतर खेल सुविधा मिल पाती और न ही सही उपकरण। इस कारण से उनका हुनर विकसित नहीं हो पाता। - दिपांशु
खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार सम्मान भी नहीं मिलता। बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो बेहतर मंच न मिलने से खेलों का अभ्यास करना ही छोड़ जाते हैं। - साहिल
हुनर हर बच्चे में होता है लेकिन सही मार्गदर्शन व आर्थिक तंगी के कारण खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को नहीं निखार पाते। खेल उपकरण महंगे हैं। - आदित्य
खिलाड़ियों का किसी भी टूर्नामेंट में चयन होने के बाद सरकार से उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाए। इस सुविधा के मिलने से खिलाड़ियों को हौंसला मिलेगा। -गौरव
खिलाड़ियों के रहने की बेहतर व्यवस्था नहीं होती। दो साल टूर्नामेंट में मैदान ऐसा था जहां कभी क्रिकेट नहीं खेली गई थी। रहने की व्यवस्था नहीं थी। - विजय
सरकार से खिलाड़ियों को समय पर सुविधाएं और पुरस्कार मिल जाए तो ठीक रहेगा। टूर्नामेंट के स्थान पर खिलाड़ियों के लिए, रहने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। - संदीप