(यमुनानगर) कलायत। जिस ग्रामीण अंचल में सरकारी खेल स्टेडियम, प्रशिक्षकों और खेल सुविधाओं का अभाव है उस गांव मटौर की बेटी मनीषा मौण विश्व में विजय परचम फहरा रही है। विपरीत परिस्थितियों का भंवर पार करते हुए सफलता के मुकाम पर पहुंचने के इस प्रकार के उदाहरण विरले ही मिलते हैं। हाल में विलायत में अपने पंच से मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाली मनीषा मौण का पैतृक गांव मटौर में पुरजोर अभिनंदन किया गया।
महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बड़े-बुजुर्गों ने लाडली को पलकों पर बैठाते हुए खेलों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। खुली जीप से ग्रामीणों का बड़ा कारवां होनहार खिलाड़ी को कोच गुरमीत सिंह, राजेंद्र कुमार व विक्रम सिंह के साथ कलायत में नेशनल हाई-वे से गांव लेकर पहुंचा। मां उषा देवी व पिता कृष्ण कुमार बेटी के अभिनंदन से फूले नहीं समा रहे थे। प्रशिक्षकों ने बताया कि जर्मनी में आयोजित विश्व बाक्सिंग चैंपियन प्रतियोगिता में मनीषा ने गोल्ड मेडल हासिल कर एक नया अध्याय लिखा है। मटौर गांव के लघु सचिवालय में आयोजित सम्मान समारोह में विश्व विजेता मनीषा ने कहा कि गांव के महिला, बड़े बुजुर्गों व युवाओं ने जो सम्मान दिया है उसकी वे ताउम्र आभारी रहेंगी।
गांव में आयोजित सम्मान समारोह में मौण खाप प्रधान धूप सिंह, मनीराम जीएसओ, जगमग मटौर, धर्मपाल मोण, कृष्ण कुमार, मनोज कुमार, टेकराम, मा. राजेश कुमार, चंद्रपाल व सतबीर ने कहा कि मनीषा की उपलब्धि बेटे-बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। वहीं मनीषा मौण ने कहा कि ग्रामीण अंचल में खेल सुविधाओं का अभाव रहता है। इन सबके बावजूद भी उसने कभी अपने हौसलों को कम नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि ग्रामीण स्तर पर बेहतर खेल सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं।
ये है मनीषा की उपलब्धियां
-वर्ष 2013 में मनीषा को स्टेट लेवल पर बेस्ट बॉक्सर का खिताब मिल चुका है।
-वर्ष 2019 में एशियन चैंपियन में ब्रांज मेडल
-इंटरनेशल खेलों में 2 गोल्ड, 2 सिल्वर, 2 ब्रांज मेडल
-स्टेट लेवल पर 17 मेडल और राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए 5 मेडल