कलायत। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कलायत में राजयोगिनी तपस्विनी दादी जानकी का छठा स्मृति दिवस वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में बीके रेखा बहन ने दादी जानकी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने बाल्यकाल से ही अपना जीवन ईश्वरीय सेवा को समर्पित कर दिया था। संपन्न और भक्ति भाव वाले परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने परमात्मा ज्ञान को सर्वोपरि रखा और विश्व कल्याण के लिए स्वयं को समर्पित किया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि दादी जानकी को विश्व की सबसे स्थिर मन वाली महिला के रूप में अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त था। साथ ही उन्होंने राजस्थान की स्वच्छता एंबेसडर के रूप में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
रेखा बहन ने कहा कि दादी जानकी ने भारत सहित विश्व के 135 से अधिक देशों में भारतीय प्राचीन राजयोग और कर्मयोग का संदेश पहुंचाया। देव संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ उन्होंने पवित्रता, सत्यता और दिव्यता के मूल्यों को जीवन में उतारने का संदेश दिया।