संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल और कलायत के स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी मरीजों के लिए विशेष एक्सरे मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, गुहला में पुरानी मशीन की जगह नई एक्सरे मशीन लगाए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गुहला में पुरानी एक्सरे मशीन लंबे समय से तकनीकी दिक्कतों के कारण परेशानी का कारण बनी हुई थी। नई मशीन लगने से मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही, जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई मशीनों के शुरू होने से मरीजों को लंबी कतारों में खड़े होने की समस्या से राहत मिलेगी।
विशेषकर टीबी जांच के लिए आने वाले मरीजों को पहले काफी इंतजार करना पड़ता था, क्योंकि एक ही मशीन पर अधिक मरीजों का दबाव रहता था। अब अतिरिक्त मशीन उपलब्ध होने से जांच प्रक्रिया तेज होगी और रिपोर्ट समय पर मिल सकेगी।
निजी अस्पतालों का खर्च होगा कम नई मशीनों के लगने से मरीजों की निजी अस्पतालों और सेंटरों पर निर्भरता कम होगी। जिले में कई मरीज मजबूरी में निजी सेंटरों पर एक्सरे करवाते थे, जहां एक जांच पर करीब 400 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ साबित होता था। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ने से अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कैथल में रोजाना होते हैं करीब 500 एक्सरे
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिदिन करीब 500 एक्सरे किए जाते हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण पहले कई बार जांच में देरी हो जाती थी। खासतौर पर टीबी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। नई मशीनों के संचालन से स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
गुहला में नई एक्सरे मशीन लगा दी गई है। वहीं, कलायत और कैथल में टीबी मरीजों के लिए दो विशेष एक्सरे मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे फेफड़ों की जांच आसानी से हो सकेगी। -विकास धवन, डिप्टी सिविल सर्जन, कैथलगुहला में नई एक्सरे मशीन लगा दी गई है। वहीं, कलायत और कैथल में टीबी मरीजों के लिए दो विशेष एक्सरे मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे फेफड़ों की जांच आसानी से हो सकेगी। -विकास धवन, डिप्टी सिविल सर्जन, कैथल