कैथल। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रत्येक वर्ष हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर चलाता है। इस वर्ष भी कैथल में 12 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर चलाए जाएंगे। यह जानकारी जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र आर्य ने दी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिला कैथल के खंड कैथल में पांच, पूंडरी खंड में पांच, गुहला खंड में दो सेंटर चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो शिक्षा वॉलिंटियर पिछले वर्ष कार्य कर रहे थे, विभाग के आदेशों के अनुसार उनको ही इस वर्ष सेंटर चलाने के लिए दिए जाएंगे। वर्षभर की रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार को डीपीसी कार्यालय में बीआरसी व स्कूल हेड की बैठक बुलाई गई थी।
डीपीसी सुरेंद्र आर्य ने सभी खंड संसाधन संयोजक व स्कूल हेड को कहा कि कोई भी बच्चा जिला कैथल में शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर न रहे कोशिश की जाएगी। प्रत्येक बच्चे को स्कूल की मुख्यधारा के साथ जोड़ा जाए, जो भी आउट ऑफ स्कूल बच्चे स्कूलों में दाखिल करवाए जाएंगे उनको मिड-डे-मील और हेल्थ चेकअप जैसी सारी सुविधाएं दी जाएं।
जिला सहायक परियोजना संयोजक कुशल कुमार ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को यह प्रशिक्षण नौ महीने दिया जाता है। इसमें छह महीने शिक्षा वॉलिंटियर इनको आधारभूत ज्ञान देकर उसको आयु के हिसाब से कक्षा के योग्य बनाते हैं तथा तीन महीने उस बच्चे का फॉलोअप लिया जाता है, फिर नौ महीने के प्रशिक्षण के बाद इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा के साथ जोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 234 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ दिया गया है।
इस अवसर पर खंड संसाधन संयोजक गुरिंदर कौर, खंड संसाधन संयोजक गुहला संजय शर्मा, खंड संसाधन संयोजक पूंडरी सतीश भारद्वाज, प्रोग्रामर विकास नागपाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रवीण शर्मा, पूनम शर्मा व रीना रानी मौजूद रहे।