कैथल। प्राचीन श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में श्री ग्यारह रुद्र महादेव सेवादल पिछले कई वर्षों से अनोखे और भव्य तरीके से ग्यारह रुद्री का शृंगार कर रहा है। श्री ग्यारह रुद्र महादेव सेवादल की यह अनोखी पहल न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवित रखे हुए है, बल्कि समाज में सद्भावना और एकता को भी प्रोत्साहित कर रही है।
सेवादल इस विशेष शृंगार में फल, फूल, पत्ते, हरी सब्जियाँ, मेवे, डालें, मिठाई और अन्य अनाजों का उपयोग किया जाता है, जो इसे बेहद आकर्षक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
श्री ग्यारह रुद्र महादेव सेवादल के सदस्य सुशील गर्ग ने बताया कि वर्ष 2020 मई में हम पांच सदस्यों अमन सैनी, कपिल, बलजीत व शकुंतला ने श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में ग्यारह रुद्रों का शृंगार करने का प्रण लिया और तभी से यह परंपरा जारी है। शुरुआत में यह शृंगार केवल सोमवार को किया जाता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से इसे प्रतिदिन दोपहर बाद किया जा रहा है।
इस कार्य में सेवादल के लगभग 36 सदस्य मिलकर हर महीने 500 रुपये योगदान देते हैं। यह पहल सामाजिक समरसता और धार्मिक आस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनका समर्पण और निष्ठा मंदिर की शोभा को चार चांद लगाती है।
सदस्य सुशील गर्ग ने बताया कि अब कोई भी श्रद्धालु अपने अपनी मनोकामना पूर्ण पर, जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या किसी भी खुशी के अवसर पर अपनी इच्छानुसार 1100, 3100 व 5100 रुपये से रुद्रों का शृंगार करवा सकता है।
उन्होने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर सेवादल विशेष शृंगार करता है, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण होता है। इस बार सेवादल की ओर से रविवार को हल्दी की रस्म अदा की गई, सोमवार को मेहंदी की रस्म हुई और बुधवार को महाशिवरात्रि पर सेहरा बांधा जाएगा। इसमें पगड़ी, कलगी, फूल मालाओं से भव्य शृंगार किया जाएगा।
यह धार्मिक आयोजन भक्तों के लिए अपार श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। इस अवसर पर सुशीलगर्ग, बलजीत, श्रवण, रोहित, सतीश व विशाल मेहता आदि ने सहयोग किया।