राजौंद। किछाना में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन और खेती विरासत मिशन के सहयोग से फील्ड स्कूल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला कॉर्डिनेटर सुभाष वशिष्ठ ने बताया कि गांव के किसानों दीपक, मांगेराम और देवीराम के खेतों में ट्रिपल एक्स (सतही) तकनीक से गेहूं की बुवाई की गई है। यह बुवाई धान की फसल के अवशेषों को खेत में छोड़कर की गई है, ताकि पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक खेती प्रणालियों को आधुनिक तकनीक और सतत कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी की सेहत और पर्यावरणीय संतुलन भी बेहतर होगा। सुभाष वशिष्ठ ने बताया कि खेती विरासत मिशन और एफएओ का यह संयुक्त प्रयास महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर विजय, जगबीर, दीपक, रामदास, मांगेराम, साहब सिंह, महेंद्र, बलराम, अमन और कर्म सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।