संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में घूम रहे बेसहारा गोवंश की समस्या विधानसभा चुनाव में भी बड़ा मुद्दा रहने वाला है। इस समस्या का पिछले पांच साल से कोई समाधान नहीं हो पाया है। पांच साल पहले भी चुनाव में यह समस्या विधायक से लेकर नगर परिषद अध्यक्ष तक के चुनाव में बड़ा मुद्दा रही थी।
पशुओं के शहर की सड़कों पर घूमने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी होती है। वहीं, गोवंश की लड़ाई से भी अक्सर लोग घायल हो जाते है। सड़कों पर लाइट उचित व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा छाया रहता है और रात में बेसहारा पशुओं की संख्या भी सड़कों पर बढ़ जाती है। ऐसे में हादसों का खतरा बढ़ जाता है और कई बार इन पशुओं की वजह से जाम भी लग जाता है।
आर्थिक स्थिति ठीक न होने से भी नहीं होता समस्या का समाधान ः गोशाला संचालक शमशेर सिंह ने बताया कि गांव हो या शहर। यहां पर गोशालाओं की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। इस कारण बेसहारा गोवंश को गोशाला में रखना काफी मुश्किल होता है।
लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक कई बार उठाया, लेकिन यह ज्यों की त्यों बनी है। कई बार हुई बैठकों में गोवंश को सड़कों को हटाने पर चर्चा होती है, लेकिन इस पर बात आगे नहीं बढ़ पाती है।
आर्थिक संकट का नहीं होता समाधान ः सीवन गोशाला सेवा समिति के प्रधान नरेंद्र कुमार ने कहा कि गोशाला में हो रही आर्थिक संकट को लेकर कई बार जिला प्रशासन को जानकारी देकर मदद की गुहार लगाई जाती है। इस पर कई बार उन्हें आर्थिक सहायता तो मिल जाती है, लेकिन यह आर्थिक सहायता गोशाला में रह रही गोवंश की संख्या के अनुसार नहीं होती है।
उन्होंने बताया कि मजबूरीवश गोशाला संचालकों को गोवंश को गोशाला से छोड़ना पड़ता है। इसके बाद वे सड़कों पर विचरते है।
समस्या कम करने के लिए किए गए अथक प्रयास
शहर में गोवंश की समस्या कम करने के लिए अथक प्रयास किए गए हैं। इसके तहत जींद रोड स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी के पास एक नई गोशाला का निर्माण किया गया है। इसमें जींद रोड के मॉउन टाउन स्थित
गोशाला के गोवंश शिफ्ट कर दिए हैं। इसके साथ ही शहर में गोवंश की समस्या को दूर करने के लिए बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में भेजा जाता है। -सुरभि गर्ग, नगर परिषद अध्यक्ष
आए दिन होते हादसे लोग हो रहे चोटिल
बेसहारा गोवंश से आए दिन हादसों में लोग चोटिल होते हैं। भाजपा सरकार ने समस्या को केवल कागजों में तो दूर किया, लेकिन इस समस्या का धरातल पर कोई समाधान नहीं हो पाया है। -रामपाल माजरा, इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष