संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में डेंगू-मलेरिया को लेकर डोर-टू-डोर सर्वे अभियान जारी है। मंगलवार को आठ जगहों पर डेंगू लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 1137 जगहों पर डेंगू के लार्वा मिल चुके हैं।
गौरतलब है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की 238 टीमें फील्ड में काम कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोकथाम के लिए मच्छरों और लार्वा के पनपने के स्रोत की पहचान कर उनको नष्ट करने की मुहिम भी लगातार चलाई जा रही है। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी इन बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे। मंगलवार को जांच के दौरान 18 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। अब तक 1049 मरीजों के डेंगू के सैंपल लिए गये है, लेकिन कोई भी डेंगू पॉजिटिव केस जिले में नहीं आया है। जिले में 1137 जगह पर लार्वा मिल चूका है |
डिप्टी सिविल सर्जन व डेंगू व मलेरिया के नोडल अधिकारी डॉ नीरज मंगला ने बताया कि इस समय मौसम में आए बदलाव के चलते डेंगू बीमारी के बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह से गंभीर है। पिछले साल जिन इलाकों में अधिक केस मिले थे, वहां पर भी व्यापक रूप से जांच की जा रही है। स्वास्थ्य कर्मी दल घर में व ऊपर छत जा कर भी यह देख रहे है कि कहीं पानी में लार्वा तो नहीं पनप रहा है। यदि ऐसा होता है तो मौके पर ही लार्वा को नष्ट किया जा रहा है।