कैथल। अनाज मंडियों में इस समय उठान न होने के कारण जाम की स्थिति बन गई है। नई अनाज मंडी में लगभग रांच लाख कट्टों से मंडी के अंदर एवं बाहर अंबार लग गए हैं।
नई एवं पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी मंडियों से उठान की समस्या के समाधान के लिए एसडीएम नरहरि सिंह बांगड़ से मिले। साथ आरटीए कार्यालय में भी परमिट देने की मांग की, लेकिन आरटीए कार्यालय ने अजीब फरमान सुनाते हुए किसानों को कहा कि ट्राली में ब्रेक लगवाएं और फिर परमिट मिलेगा। अब इस हिसाब से तो तय है कि परमिट नहीं मिल पाएगा। अब देखना यह है कि जाम की स्थिति यूं ही बरकरार रहेगी या फिर परमिट जारी कर ट्रैक्टर-ट्राली चलाए जाने की अनुमति मिल सकेगी।
आरटीए परमिट दे तो हमें दिक्कत नहीं : एसडीएम
नई एवं पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार मित्तल के नेतृत्व में आढ़तियों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को एसडीएम नरहरि सिंह बांगड़ से मिला। आढ़तियों ने जाम की स्थिति को देखते हुए ट्रैक्टर-ट्राली चलवाए जाने की मांग की। एसडीएम ने कहा कि यदि आरटीए परमिट दे देता है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं हैं। जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने आरटीए कार्यालय पहुंच कर परमिट जारी किए जाने की मांग की। आरटीए की गैर मौजूदगी में कर्मचारियों ने परमिट जारी किए जाने पर विभागीय नियमों पर गौर करते हुए फैसला लेने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल राजपाल चहल, धर्मपाल कठवाड़, सत्यवान, राजेंद्र मित्तल, कृष्ण पाई, जसमेर ढांडा, धर्मपाल जिंदल, पुरानी अनाज मंडी से राकेश जिंदल, विकास, गुलाब सिंह, प्रवीण कुमार और श्याम लाल शामिल थे।
आसमान में बादल छाए, किसानों की सांसे थमी
नई अनाज मंडी में करीब पांच लाख कट्टे पड़े हुए हैं। जो मंडी के अंदर एवं बाहर सड़कों पर पड़े हैं। ट्रकों के माध्यम से उठान काफी धीमी गति से हो रहा है। जिस कारण किसानों एवं आढ़तियों की सांसें अटकी हुई हैं। आसमान में छाए बादल भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। लगातार हो रही आवक के कारण स्थिति यह है कि यह जाम कई दिनों तक नहीं खुल सकता। मंडी में गेहूं डालने के लिए जगह नहीं हैं। ऊपर से मंडी में जाम की स्थिति किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। खराब मौसम ज्यादा चिंता का कारण बना हुआ है। यदि बरसात होती है तो सड़कों पर पड़ा गेहूं नालियों में बहता हुआ नजर आएगा।
ट्राली में ब्रक कैसे लगवाएं?
नई एवं पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश मित्तल ने कहा कि एसडीएम एवं डीएफएससी ने ट्रैक्टर-ट्राली चलाए जाने की अनुमति दे दी है। अब आरटीए कार्यालय द्वारा ट्राली में ब्रेक आदि लगाए जाने की शर्तें लगाई जा रही है। जो संभव नहीं हैं। ऐसे में अब फैसला आरटीए कार्यालय द्वारा ही लिया जाना है। क्योंकि ट्रकों के माध्यम से मंडी से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। पूरी तरह से जाम की स्थिति बनी हुई है। वे फिर से एसडीएम से बात करेंगे। उधर, आरटीए एस के चहल का कहना है कि आढ़तियों ने मांग की है। परमिट के लिए आवेदन आता है तो नियमों पर विचार करते हुए फैसला लिया जाएगा। जो भी विभाग के मानदंड तय किए गए हैं। उनका पालन करना होगा।