संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/राजौंद। जिले में दूसरे दिन भी मौसम बदला और सुबह के समय रुक-रुक बारिश हुई। सुबह आठ बजे शुरू हुई करीब एक घंटे तक जा्री रही। कभी रुक रुक कर तो कभी तेज बारिश ने जहां मौसम में ठंडक पैदा की। वहीं, पानी निकासी के प्रबंध न होने से लोगो के लिए परेशानी भी खड़ी हुई। उधर, राजौंद में तेज बारिश से कई निचले स्थानों में जलभराव होने से लोगों ने परेशानी झेली।
बुधवार को भी बारिश के बाद शहर में कई जगह जलभराव देखने को मिला। हालांकि 11 बजे के बाद आसमान बिल्कुल साफ रहा। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य विज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रहा।
जिला प्रशासन के दावों की पोल खुली ः दो दिन से हो रही जोरदार बारिश ने शहर में जिला प्रशासन की ओर से की गई पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम ना होने के चलते शहर की सड़कें जलमग्न है। जगह-जगह जलभराव के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में कई जगह पानी जमा होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश होने से शहर के चंदाना गेट, पिहोवा चौक, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, पुराना बस अड्डा मार्ग, रेलवे गेट, अंबाला रोड, जाखौली अड्डा सहित लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पानी जमा हो गया। पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कत आई। इसी प्रकार शहर के आसपास काॅलोनी शक्ति नगर, हरी नगर, अर्जुन नगर, हरसौला बस्ती, आंबेडकर नगर, डीएवी कॉलोनी में भी जलभराव हुआ। कई जगह सीवर लाइन ब्लॉक होने के कारण गलियों में पानी जमा हो गया। इस कारण लोगों को गलियों में जमा पानी से ही गुजरने पर मजबूर होना पड़ा।
उधर, राजौंद में बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे हुई तेज बारिश से कई निचले स्थानों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी हुई। वहीं कुछ गलियों में पानी भरने से आवाजाही बंद हो गई। अंसध कैथल मार्ग पर टूटी हुई सड़क के गड्ढों में पानी भरने से लोगों को सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ा।
पानी निकासी न होने कारण सड़क पानी से लबालब भर गई और जो सड़क किनारे नाले बनाए गए थे, उनका पानी भी सड़क पर भर गया। जिससे राहगीरों व दुकानदारों व नगर के लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। यह आलम पिछले लंबे समय से बन रहा है। सड़क पूरी तरह टूट गई है और बारिश होने पर गड्ढों में पानी भरने से लोगों का खाली निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
बार-बार प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद भी प्रशासन व संबंधित विभाग इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा। जिससे लोगों में आए दिन रोष बढ़ रहा है। नगर के कई स्थानों में पानी भरने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
इसके अलावा इस बरसात से मोटी धान की फसल को भी बहुत नुकसान हुआ है और कई जगह किसानों की धान की फसल भी जमीन पर गिरने से भारी नुकसान होने का अनुमान है।