संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की जिला कार्यालय में ढांड में बैठक हुई। इसमें बार्डर पर किसानों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में सरकार विरोधी नारेबाजी की।
इस अवसर पर कामरेड बाबू राम ने कहा कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर दिल्ली प्रदर्शन करना चाहते हैं, जो उनका संवैधानिक अधिकार है। फिर भी सरकार हरियाणा की सीमाओं पर पुलिस बल की सहायता से जबरन रोक रही है। आंदोलनरत किसानों पर आंसू गैस के गोले दाग रही है लेकिन किसानों से वायदा करके भी एमएसपी,कर्ज मुक्ति की जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है।
आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार चोर दरवाजे से नई कृषि बाजार नीति ला रही है जो किसानों को एमएसपी से वंचित कर देगी। आरोप लगाते हुए कहा कि इस नीति के लागू होने से कृषि उत्पादन और विपणन अर्थात फसलों की पैदावार तथा बिक्री पर कॉरपोरेट घरानों का कब्जा हो जाएगा। इसके चलते सरकारी मंडी व्यवस्था चौपट हो जाएगी।
कामरेड ने कहा कि डिजिटल कृषि मिशन,राष्ट्रीय सहयोग नीति और नई कृषि बाजार नीति के द्वारा तीन कृषि कानूनों को पिछले दरवाजे से दोबारा लागू करने जा रही है जो किसान विरोधी और पूंजीपति हितैषी नीतियों को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार दो वर्षों से पंजाब और हरियाणा में एपीएमसी मंडियों में खरीद को विफल करने,खाद्य सब्सिडी पर नकद हस्तांतरण को बढ़ावा देकर एफसीआई को खत्म करने, पिछले तीन वर्षों में खाद्य सब्सिडी में 60 हजार 470 करोड़ रुपये और उर्वरक (खाद) सब्सिडी में 62 हजार 445 करोड़ रुपये की कमी कटौती के रूप में एमएसपी और खाद्य सुरक्षा की मौजूदा व्यवस्था पर लगातार हमले कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन दोनों मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन अन्य संगठनों के साथ मिलकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 23 दिसंबर को सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करेगा और राज्यपाल से इस नीति को वापस लेने की मांग करेगा।
बैठक की अध्यक्षता राज्य कमेटी सदस्य कामरेड बाबूराम ने की व
मंच संचालन कामरेड राजकुमार सारसा ने किया।
इस मौके पर संगठन राज्य कमेटी सदस्य कामरेड बाबूराम, जिला कमेटी सदस्य कामरेड रामसरुप, संजू, कृष्ण चंद, दर्शन सिंह, किशनचंद्र, रामकिशन व नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।