सरोला सायफन पर गाद व रेत निकालने के बाद की फोटो।
कैथल। गुहला चीका क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए फ्लड स्कीम की 8.50 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं में से समयसीमा यानी 30 जून तक एक भी पूरी नहीं हो पाई। छह योजनाओं में से दो पर तो काम भी शुरू नहीं हो सका है, जबकि चार पर 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक ही काम हो पाया है।
प्रशासन ड्रेनों की सफाई करने तक सीमित है और बाढ़ प्रबंधन से निपटने के बड़े-बड़े दावे जरूर कर रहा है। प्रशासन की ओर से ये दावे 2023 में भी किए गए थे। उस समय पूरे गुहला क्षेत्र को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया था और तब घग्गर नदी के पानी ने भारी तबाही मचाई थी।
बाढ़ सुरक्षा की अधूरी योजनाएं : वर्ष 2026 में घग्घर नदी से गुहला क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए छह बाढ़ सुरक्षा योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इनमें दो योजनाओं पर अब तक काम शुरू ही नहीं हो पाया जबकि चार योजनाएं अभी भी अधूरी हैं। जिन 6 फ्लड स्कीमों को मंजूरी दी गई थी, उनमें मुख्य रूप से कुंडी बांध के पास घग्घर नदी पर स्टोन स्टेनिंग, पुरानी घग्घर क्रीक ड्रेन के इनलेट पर पंप हाउस का निर्माण, गांव रत्ता खेड़ा के पास 960 फीट लंबाई में स्टोन स्टेनिंग, आरडी-36100 पर साइफन की सुरक्षा के लिए कट-ऑफ वॉल और ग्लेसिस का निर्माण व अन्य योजना शामिल है।