कैथल। जिले में हो रहे नगर निकाय चुनाव के तहत पंचायत से नगर पालिका बनी सीवन नगर पालिका हॉट सीट बनी है। यहां पर भाजपा बनाम निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर होने का अनुमान है। इस नगर पालिका के चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय है।
भाजपा ने जहां पार्टी की जिला उपाध्यक्ष शैली मुंजाल पर दांव खेला है तो निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सैनी समाज से चुनाव लड़ रही हेमलता सैनी व वैश्य समाज से संयम गोयल चुनावी मैदान में है। भाजपा के प्रत्याशी को जिताने के लिए पार्टी के नेताओं की ओर यहां पर पूरी ताकत झोंक दी गई है। गुहला विधानसभा से भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर की प्रतिष्ठा का सवाल बना है।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से विधायक बने देवेंद्र हंस इसी गांव के निवासी है। ऐसे में भाजपा किसी भी हालत में इस सीट पर कमल खिलाना चाहती हैं। वहीं, भाजपा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2019 के चुनाव में सीवन को पंचायत से नगर पालिका का दर्जा दिया था। इसके बाद कई ग्रामीणों के नगरपालिका बनाने के विरोध के चलते पिछले पांच साल से यहां पर चुनाव नहीं हुआ है। इस कारण इस कस्बा में सीवरेज शुरू न होने पर पानी निकासी के न होने और टूटी हुई गलियां और सड़कें मुख्य चुनावी मुद्दा बनी हैं।
भाजपा के प्रचार को मजबूती देने के लिए 27 फरवरी को सीवन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जन आशीर्वाद रैली को संबोधित करेंगे। जबकि कई मंत्री में प्रचार में जुट चुके हैं। ऐसे में अब पार्टी की ओर से सैनी समाज के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कवायद तेज हुई हैं। हालांकि भाजपा का कैंपेन कितना कारगर साबित होता है। यह तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे। गौरतलब है कि सीवन नगर पालिका में 16 वार्डों में 14 हजार 883 मतदाता हैं।
सीवरेज चालू न होने की समस्या ः वर्ष 2015 में सीवन को ग्राम पंचायत रहते हुए महाग्राम योजना में शामिल किया गया था। इसके बाद करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से पूरे कस्बा में सीवरेज और पानी की पाइपलाइन डाली गई थी। इस पाइपलाइन डालने के बाद मुख्य मार्गाें पर तो सड़कों व गलियों का निर्माण कर दिया गया था। परंतु गांव में अंदर के क्षेत्रों में अभी तक भी सीवरेज डालने के लिए खोदी गई सड़कों और गलियों का निर्माण नहीं हो पाया है। यह समस्या पिछले करीब छह साल से ज्यों की त्यों है। हालात यह है कि कस्बा में जलभराव की समस्या स्थायी बन गई है। बारिश के समय में तो कस्बा के लोगों का गलियों से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बीमारियों के भी फैलने का भय बना है। संवाद
जाति
मतदाता
पंजाबी
2213
सैनी
1866
वैश्य
273
ब्राह्मण
710
राजपूत
441
अनुसूचित वर्ग
5000
बीसी वर्ग
5000