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Kaithal News: बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में हालात सामान्य, धान रोपाई में जुटे किसान

Sun, 23 Jul 2023 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले के चीका क्षेत्र में बाढ़ के बाद हालात सामान्य हो गए हैं। किसान दोबारा से धान की रोपाई में जुट गए हैं। बाढ़ के बाद अब तक 40 प्रतिशत किसानों ने धान की रोपाई कर दी है। कुछ किसानों को धान रोपाई के लिए पनीरी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही, हालांकि आसपास क्षेत्र के लोग निशुल्क धान की पनीरी पहुंचा भी रहे हैं। इसके बावजूद धान पनीरी की कमी किसानों को खल रही है। किसान 10 अगस्त तक धान की रोपाई कर सकते हैं। किसान पीबी पीआर 1509 किस्म व 126 किस्म धान की रोपाई कर सकते हैं।
बीते दिनों बारिश आने से घग्गर नदी में पानी अधिक मात्रा में हो गया था, जिसके कारण क्षेत्र में बाढ़ आ गई। क्षेत्र के लगभग 40 गांव बाढ़ की चपेट में आए गए थे, जिनमें 40 हजार एकड़ से अधिक फसल खराब हो गई थी। अब क्षेत्र में पानी उतर गया है और स्थिति सामान्य हो गई है। अब किसान खेतों में धान की रोपाई करना चाहते हैं, लेकिन अब किसानों को पर्याप्त मात्रा में धान की पनीरी नहीं मिल रही। हालांकि आसपास के बाढ़ से सुरक्षित क्षेत्र के किसान बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रोपाई के लिए धान की पनीरी पहुंचा रहे हैं और कुछ किसान हरियाणा व पंजाब के क्षेत्र से पैसों में भी पनीरी खरीद रहे हैं। इसके बावजूद किसानों का अब तक पनीरी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिली। बाढ़ के बाद अब तक क्षेत्र में 30 से 40 प्रतिशत धान की रोपाई हो चुकी है। शेष किसान खेत को तैयार करने में जुटे हुए हैं।
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किसान सुखदेव सिंह बोपुर ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले धान की पनीरी की बिजाई की थी। वह 10 अगस्त तक तैयार हो जाएगी, जिसकी बाद वह धान की रोपाई कर देंगे। इस समय पछेती फसल पीआर पीबी 1509 व 126 किस्म की लगाएं। ताकि वह समय पर तैयार हो जाए और इसकी कटाई के बाद गेहूं की बिजाई की जा सके।
किसान दर्शन सिंह दाबनखेड़ी ने कहा कि वह धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर रहे है। हालांकि अभी तक उन्हें धान की पनीरी नहीं मिली। वह धान की पनीरी आसपास से खरीदकर लाएंगे, ताकि समय पर धान की रोपाई हो सके। यदि अब पनीरी की बिजाई करके धान रोपाई करेंगे तो इसमें देरी हो जाएगी। इसलिए वह आसपास से मोल खरीदारी करेंगे।
किसान सुखविंदर सिंह ने कहा कि बाढ़ से अपने उन्होंने धान की रोपाई कर दी थी। बाढ़ आने से सभी फसल बर्बाद हो गई। अब दोबारा से धान रोपाई के लिए खेत को तैयार किया है। एक दो दिन में धान की पनीरी मिलते ही रोपाई करेंगे। वह धान की पनीरी की बाट जोह रहे हैं।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में किसान 10 अगस्त तक धान की रोपाई कर सकते हैं। धान पीआर पीबी 1509 व 126 किस्म की रोपाई करें। यह पछेता बीज है। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक फसल तैयार हो जाएगी और इसके बाद गेहूं की रोपाई भी किसान आसानी से कर सकते हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में इस समय धान की फसल के अलावा अन्य फसलें नहीं होंगी। अन्य फसलों का समय बीत चुका है।
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