संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंजाब के सैन्य ठिकानों की जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के आरोप में पकड़े गए जासूस देवेंद्र सिंह से पूछताछ के लिए शनिवार को विशेष जांच दल ( एसआईटी) का गठन कर दिया गया। एसआईटी के अफसरों ने सुबह से ही देवेंद्र सिंह के गांव मस्तगढ़ पहुंचकर छानबीन की।
इस दौरान देवेंद्र सिंह के परिजनों से भी सवाल जवाब किए गए। पुलिस को देवेंद्र के तीन बैंक खातों का पता चला है। बैंक से इनमें लेन-देन की जानकारी मांगी गई है।
उसके मोबाइल फोन से डाटा रिकवर करने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब ( एफएसएल ) भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने डाटा डिलीट कर दिया है। वह काल करने के बाद उसका रिकार्ड डिलीट कर देता था। माना जा रहा है कि उसे ऐसा करने के लिए आईएसआई के अफसरों ने कहा था। आईएसआई की ओर से उसे जासूसी की फोन पर ही ट्रेनिंग दिलाई गई थी।
पुलिस यह भी मालूम करने का प्रयास कर रही है कि उसने जासूसी के नेटवर्क में गांव के किसी और युवक को तो नहीं जोड़ रखा था। कई युवकों से उसकी दोस्ती का पता चला है। इनके साथ वह फोन पर भी संपर्क में रहता था। पुलिस उसके इन दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है। पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा गया है।
उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह धारा भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यों से संबंधित है।
पुलिस ने बताया कि अलगाववाद, सशस्त्र विद्रोह या विध्वंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कार्यों के लिए यह धारा लगाई जाती है। उस पर पांच सीक्रेट ओफेंस भी लगाई गई है। यह ऐसी धारा है, जिसमें किसी भी प्रकार की देश की प्रतिबंधित सामग्री को सार्वजनिक या देश हित के लिए न होने वाली गतिविधियों करने पर लगाई जाती है।
पंजाब यूनवर्सिटी, पटियाला में एमए राजनीति शास्त्र में प्रथम वर्ष का छात्र देवेंद्र हनी ट्रैप में फंसकर आईएसआई का जासूस बना। चार दिन पहले उसने हथियारों के साथ एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दी थी। इसी पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।
पूछताछ के दौरान उसके जासूस होने का पता चला। वह पटियाला छावनी के फोटो और कई जानकारी आईएसआई को भेज चुका था। शक है कि आपरेशन सिंदूर के दौरान भी उसने पाकिस्तान को सैन्य ठिकानों की जानकारी भेजी।
का कहना है कि युवक
देवेंद्र के बारे में जासूसी करने की जो जानकारी मिली है, एसआईटी उसकी जांच कर रही है। तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ही विस्तृत रिपोर्ट सामने आएगी।
-आस्था मोदी, एसपी