संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला जेल परिसर में रक्षाबंधन पर्व पर वहां पहुंचीं बहनें भाइयों को राखियां बांधकर भावुक हो गईं। कारागार महानिदेशक के आदेश पर सोमवार को कैथल जिला कारागार में रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस अवसर पर जेल में बंद पुरुष बंदियों को उनकी बहनो और जेल में बंद महिला बंदियों को उनके भाइयों से जेल के मुख्य द्वार के आमने सामने राखी बंधवाई।
बंदी भाइयों का देख व राखियां बांधते खुशी में आंसू निकले व उन्हे गले लगा लिया। सुबह से ही जिला कारगार परिसर के बाहर महिलाआं की भीड़ जमा हो गई जेल प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच बहनों व उनके साथ आए बच्चों को एक-एक करके मिलवाया। बाहर से आई बहनों व उन्की साथ आई महिला परिजनों व बच्चों को जिला कारागार प्रशासन ने अंदर ही राखियां, रक्षासूत्र, तिलक के लिए सिंदूर व मिठाई का पूरा इंतजाम किया गया था।
महिलाओं बाहर से लाई गई राखियां व मिठाई लाने की प्रवेश द्वार पर मनाही थी। कजला कारगार में लगभग 745 के करीब बंदियों को उनकी लगभग 1600 बहनों, महिला परिजनों व बच्चों ने कड़ी सुरक्षा के बीच राखियां बांधी।
रक्षाबंधन पर जिला कारागार अधीक्षक अशोक कुमार ने सभी बांधियो व बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के प्यार का प्रतीक है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके अच्छे भविष्य एंव लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना करती है और भाई अपनी बहन की हर परिस्थिति में रक्षा करने का वचन देते है। जेल प्रशासन द्वारा बड़ी ही सौहार्द पूर्ण माहौल में सभी बंदियों को राखी बंधवाई गई। जेल के उप अधीक्षक सुरेंद्र कुमार, सहायक जेल अधीक्षक नरेश कुमार, उप सहायक अधीक्षक जेल और अन्य जेल विभाग के कर्मचारियों ने बड़ी कर्मठता और जिम्मेदारी के साथ पूरी सुरक्षा के बीच रक्षाबंधन का यह त्योहार संम्पन करवाया। वहीं बहनों ने कहा कि सरकार का यह बहुत ही अच्छा कदम है । जेल प्रशासन द्वारा ने व्यापक प्रबंध किए थे जिससे से उन्हें बहुत खुशी हुई।