संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर व आसपास के गांवों में रंगों का पर्व होली धूमधाम के साथ मनाया। इस मौक पर देवरों पर भाभियों ने कोरड़ा चलाकर होली मनाई।
जिले में कोरड़ा मार होली बहुत मशहूर है। रिश्ते में भाभी लगने वाली महिलाएं अपने देवरों पर पानी, रंग डालने के अलावा कोड़े बरसाती है। जवाब में देवर डंडों की मदद से बचाव करते लोग महिलाओं पर रंग डालते व गुलाल लगाते है। लोग इस मोके पर पुराने गिले शिकवे भूलकर एक दूसरे को गले लगाया व रंग लगाया। विशेष बात ये है कि इस त्योहार पर पुराने मतभेद भुलाकर लोग एक दूसरे पर रंगों की बरसात करते। ऐसा माना जाता है कि इस खेल में आपसी द्वेष व सालभर की नाराजगी क्षणभर में दूर हो जाती है। इससे आपसी रिश्ते व संबंध प्रगाढ़ होते है, लेकिन कही न कही बात करे तो और सालों की अपेक्षा अबकी बार होली का त्योहार फीका ही देखने को मिला। वहीं महिलाओं का कहना है कि वो देवरों को कोड़ो से पीटती जरूर है, लेकिन इस तरीके की परंपरागत होली से गीले शिकवे दूर होते है। वह इस त्योहार का साल भर इंतजार करती है। वहीं पुरुषों ने कहना था कि वह इस तरह की होली खेल कर पुरखों की परंपरा को निभाते आ रहे हैं।