फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: साहब नहीं हैं....जब आएंगे, तभी आना

Tue, 21 Mar 2023 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। जिला कैथल की प्रशासनिक मशीनरी अधिकारियों के पास एडीशनल चार्ज के सहारे सिसक रही है। एडीशनल चार्ज संभालने वाले अधिकारी महज फाइलें निकलवाने के लिए ही एक या दो दिन का समय निकाल पाते हैं। इस कारण पूर्ण प्रभार वाले अधिकारी जिस तरह से काम कर सकते हैं, उस तरह से सरकारी काम नहीं हो पा रहे हैं। लोग भटक रहे हैं। काम के लिए जाने पर उन्हें अक्सर जवाब मिलता है साहब...नहीं हैं....जब आएंगे, तभी आना।
विज्ञापन

जिले में डीसी से लेकर कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी एडीशनल चार्ज संभाले हुए हैं। चाहे तहसीलदार हों, जिला कल्याण अधिकारी हों, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी हों, जिला रोजगार अधिकारी हों या अन्य अधिकारी गण। दर्जन भर से अधिक विभागों में अधिकारी एडीशनल चार्ज के तहत जिले में काम कर रहे हैं।
ये है जिले में एडीशनल चार्ज लिए अधिकारियों की सूची
पद नाम मूल नियुक्ति एडीशनल चार्ज
डीसी शांतनु शर्मा कुरुक्षेत्र कैथल।
ईओ एचएसवीपी कुरुक्षेत्र कैथल।
ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक कैथल कुरुक्षेत्र
डीडी-पशुपालन रविंद्र जींद कैथल।
जिला श्रम एवं समझौता
अधिकारी चंद्रपाल जींद कैथल।
जिला रोजगार अधिकारी डा. अरुण कुमार यमुनानगर कैथल।
बीडीपीओ आठ में से कैथल व गुहला छोड़ छह ब्लॉकों में पद खाली।
नायब तहसीलदार सीवन गुहला।
तहसीलदार चार में से तीन पद खाली। एक है, वह भी छुट्टी पर।
जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिाय कैथल जींद।
जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह जींद कैथल।
जीएम, उद्योग एवं फर्म विजय लक्ष्मी कैथल जींद
डीएफएससी निशांत राठी कैथल जींद।
एमडी शुगर मिल कैथल असंध।
डीडीए कर्मचंद कैथल अमेटी, जींद।
पीओआईसीडीएस खाली, सीडीपीओ कमलेेश गर्ग के पास चार्ज।
जिला सांख्यिकी अधिकारी बिजेंद्र सिंह प्लानिंग अधिकारी, मूल पद खाली।
एक्सईएन एचएसवीपी करनाल कैथल।
काम हो रहा है प्रभावित-एडीशनल चार्ज वाले अधिकारियों को सप्ताह में तीन से चार दिन अपने मूल नियुक्ति स्थल पर तो दो दिन अतिरिक्त चार्ज वाले स्थल पर जाना पड़ता है। इस कारण उन दिनों में, जब अधिकारी नहीं होते, संबंधित कार्यालय के काम प्रभावित होते हैं। लोग मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं। कर्मचारियों के पास एक ही जवाब होता है कि साहब नहीं आए हैं...। जब आएंगे, तभी आपका काम होगा।
विज्ञापन

फरलो मारने की ज्यादा रहती है संभावनाएं-उधर, सूत्रों का यह भी कहना है कि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज आने फरलो मारने का भी अवसर मिल जाता है। जिस जिले में वे नहीं होते, वहां जवाब होता है कि दूसरे जिले में गए हुए हैं। ऐसे में वे कहां है, कई बार दोनों ही जिलों में न तो कर्मचारियों को और न ही अधिकारियों को पता चल पाता।
विधायक लीला राम ने कहा कि जिले में खाली पड़े अधिकारियों के पद के मामले में सरकार तक बात पहुंचाई जाएगी। पद खाली रहने से लोगों को परेशानी होती है। जल्द ही इन पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति करवाई जाएगी। जो अधिकारी अतिरिक्त चार्ज के नाम पर फरलो मारते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए सरकार से आग्रह किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें